Uttarakashi news: डरा रहा वरूणावत पर्वत,रात भर बारिश से मलबा और पत्थर गिरने का सिलसिला रहा जारी,दहशत में लोग
Uttarakashi news उत्तरकाशी में भारी बारिश से एक बार फिर वरूणावत पर्वत से भूस्खलन का क्रम जारी है। भूस्खलन से गोफियारा क्षेत्र में बने नए डेंजर जोन से देर रात भी मलबा और पत्थर गिरते रहे। भारी बोल्डर गिरने से लोग रात तक घरों से बाहर छतों पर निकले और रात भर डरे सहमे रहे।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार फिलहाल किसी प्रकार की जान-धन की हानि नही है। इस इलाके में निवासरत परिवारों को पूर्व में ही धर्मशाला एवं परिजनों के यहां भेजा गया है। प्रशासन की टीम रात भर कंट्रोल रूम में उपस्थित रहते हुए भूस्खलन की निगरानी कर लोगों को सचेत करते रहे।

बता दें कि बीते 27 अगस्त की रात्रि को हुई अतिवृष्टि के कारण वरूणावत पर्वत के पूर्वी दिशा में गोफियारा क्षेत्र के ऊपर हुए भूस्खलन शुरू हुआ। जो कि 21 साल बाद फिर से डराने लगा है। वरूणावत पर्वत पर नया डेंजर जोन तैयार हुआ है। इसके बाद प्रशासन की टीम के साथ आपदा सचिव विनोद सुमन ने उत्तरकाशी में भूस्खलन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने भूस्खलन की स्थिति एवं प्रशासन के द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी देने के साथ ही प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के लिए तात्कालिक एवं दीर्घकालीन उपाय सुनिश्चित किए जाने का आग्रह किया। सचिव आपदा प्रबंधन ने अपने निरीक्षण के दौरान खतरे की संभावना वाली जगहों से लोगों को अन्यत्र सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे।
साथ ही ऐसे परिवारों को नियामानुसार किराया और सहायता राशि का भी भुगतान करने को कहा है। तब से प्रभावितों को दूसरे जगहों पर शिफ्ट किया गया है। आपदा सचिव ने उत्तरकाशी के वरूणावत पर्वत के पूर्वी दिशा में गोफियारा क्षेत्र के ऊपर हुए भूस्खलन के उपचार के लिए टो-प्रोटेक्शन और एंकरिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करने की बात कही है। जिसके लिए जल्द काम शुरू किया जाएगा। इस बीच बारिश के बाद डर बना हुआ है। आए दिन भूस्खलन क्षेत्र से मलबा, डोजर, पत्थर गिर रहे हैं। जिससे लोग दहशत में हैं।












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