Uniform Civil Code में विवाह का रजिस्ट्रेशन हुआ आसान, नहीं करना होगा अब ये काम, जानिए क्या हुए बदलाव
Uniform Civil Code: समान नागरिक संहिता के अंतर्गत पोर्टल पर पूर्व में पंजीकृत विवाह की स्वीकृति के लिए गवाह के वीडियो केवाइसी की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही आवेदक को अब अपना फोटो अपलोड करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फोटो स्वत: ही आधार कार्ड से लिया जाएगा।
समान नागरिक संहिता के तहत प्राप्त पंजीकरण प्रमाण पत्र को अब डिजी लाकर पर उपलब्ध कराने की कार्रवाई चल रही है। सचिव गृह शैलेश बगौली ने बताया कि प्रदेश में अभी तक लिव इन में रहने के लिए 46 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

Uniform Civil Code
यूसीसी लागू होने के बाद हर जिले में रोजाना 174 आवेदन मिल रहे हैं। 73 हजार आवेदन केवल विवाह पंजीकरण के लिए हैं। जबकि लिव इन रिलेशनशिप के लिए भी 46 आवेदन आए हैं। यूसीसी पोर्टल पर अब तक लगभग 94,000 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 73,093 आवेदन विवाह पंजीकरण, 19,956 आवेदन पंजीकृत विवाह की स्वीकृति, 430 आवेदन वसीयतनामा व उत्तराधिकार, 136 तलाक की शून्यता और चार आवेदन बिना वसीयत उत्तराधिकार से संबंधित हैं।
ucc in uttarakhand
इनमें से 89 प्रतिशत आवेदनों को स्वीकृत और लगभग पांच प्रतिशत को निरस्त किया गया है, शेष पर प्रक्रिया गतिमान है। समान नागरिक संहिता के अंतर्गत विभिन्न सेवाओं के पंजीकरण को औसतन 174 आवेदन जिलों को प्राप्त हो रहे हैं। शासन ने सभी जिलाधिकारियों को समान नागरिक संहिता से संबंधित सेवाओं के पंजीकरण को जनजागरूकता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने कार्मिकों के शत-प्रतिशत पंजीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में आवेदन पत्र निरस्त किए जा रहे हैं, वहां इनके कारणों की समीक्षा की जाए।
यह भी बताया गया कि प्रदेश में अब केवल 382 ग्राम पंचायतें ऐसी रह गई हैं, जहां से किसी भी प्रकार के आवेदन प्राप्त नहीं हुए हैं। सभी जिलाधिकारियों को लिव इन पंजीकरण के मामलों में गोपनीयता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह देखने में आ रहा है कि कई स्थानों पर लिव इन के आवेदन व पंजीकरण होने के बारे में बताया जा रहा है। इससे आवेदकों की गोपनीयता भंग होने की आशंका रहती है।
ऐसे में लिव इन के मामलों में गोपनीयता बरकरार रखी जाए। सचिव ने निर्देश दिए जिन जिलों में बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त किए जा रहे हैं उन पर आपत्ति करते हुए निरस्तीकरण के कारणों की समीक्षा की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2010 के बाद हुए विवाह के पंजीकरण में रुद्रप्रयाग (29 प्रतिशत), उत्तरकाशी (23 प्रतिशत) और चमोली (21 प्रतिशत) ने उल्लेखनीय प्रगति की है।












Click it and Unblock the Notifications