उत्तराखंड की दो तस्वीरें: एक तरफ नौकरशाही की मनमानी, दूसरी तरफ सीएम की सादगी

सीएम की माता ओपीडी में इलाज करवाने पहुंची, हो रही तारीफ

देहरादून, 2 अप्रैल। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सचिव और डॉक्टर के बीच हुए विवाद का प्रकरण ​थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालांकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मामले का संज्ञान लेने के बाद अब प्रकरण में नया मोड़ आ चुका है। जिसके बाद अब नौकरशाही को लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच एक तस्वीर ने सबके सामने नई मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की माता ओपीडी में इलाज करवाने पहुंची थी। जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है। मुख्यमंत्री की इस सादगी को लेकर स्वास्थ्य सचिव के प्रकरण से तुलना की जा रही है। जानकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री का प्रोटोकॉल होने के बाद भी उनकी माता ओपीडी में डॉक्टर से इलाज करवाने पहुंचती है। जबकि स्वास्थ्य सचिव की पत्नी का ओपीडी में इलाज कर रही डॉक्टर को घर बुलाकर गलत व्यवहार करने को लेकर सोशल मीडिया में हर कोई गलत बता रहे हैं।

 Two pictures of Uttarakhand: bureaucratic arbitrariness on one side, CMs simplicity on the other

स्वास्थ्य सचिव के डॉक्टर को अपने आवास पर बुलाने पर छिड़ी बहस

उत्तराखंड मेंं गुरूवार को सामने आए एक प्रकरण से शासन से लेकर सरकार तक हड़कंप मचा रहा। दून मेडिकल कॉलेज की डॉक्टर निधि उनियाल को ओपीडी ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्य सचिव के आवास जाने को कहा गया। डॉक्टर उनियाल ने बताया कि वे ओपीडी छोड़कर स्वास्थ्य सचिव के घर पहुंची तो वहां स्वास्थ्य सचिव डॉ पंकज पांडेय की पत्नी को चेकअप करने को कहा गया। इस बीच डॉक्टर के पास बीपी जांचने की मशीन न होने से आरोप है कि स्वास्थ्य सचिव की पत्नी ने उनके साथ गलत व्यवहार किया। साथ ही काफी गलत तरीके से पेश भी आई। इतना ही नहीं जब वे ओपीडी में आई तो उन्हें सचिव की पत्नी से माफी मांगने को कहा गया। इस बीच डॉक्टर निधि उनियाल का तबादला आदेश जारी कर दिया गया। जिन्हें अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में तबादला कर दिया। इसके बाद डॉक्टर निधि ने स्वास्थ्य सचिव की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य सचिव को अपना इस्तीफा दे दिया। इसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कॉलेज के प्रिंसिपल समेत अन्य को कर दी। इसके बाद सोशल मीडिया में दोनों पत्र वॉयरल हुए तो शासन स्तर पर हड़कंप मच गया।

अपर मुख्य सचिव को प्रकरण की तथ्यात्मक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश

मामला मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचा तो स्वास्थ्य मंत्री को तलब किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय की वरिष्ठ महिला चिकित्सक डॉ. निधि उनियाल के अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज संबद्धीकरण एवं उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की खबरों का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से संबद्धीकरण आदेश को निरस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू को मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश भी दिए हैं । मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर मुख्य सचिव डॉ. संधू ने अपर मुख्य सचिव मनीषा पंवार को उपरोक्त प्रकरण की तथ्यात्मक जांच करते हुए अपनी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद मामला थोड़ा शांत होने लगा है। हालांकि सरकारी डॉक्टर ने अब किसी भी वीआईपी ड्यूटी करने से पहले लिखित आदेश जारी करने की मांग की है। इसके साथ ही एक बार फिर इस प्रकरण ने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इधर एक ओर तस्वीर सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही है। जिसमें मुख्यमंत्री की माता डॉक्टर की ओपीडी में जाकर इलाज करवाने पहुंची थी। जिसकी हर कोई मिसाल दे रहे हैं।

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