उत्तराखंड: चीन सीमा पर दारमा घाटी में हुई सीजन की तीसरी बर्फबारी, ठंड बढ़ने से शुरू हुआ ग्रामीणों का पलायन
उत्तराखंड: चीन सीमा पर दारमा घाटी में हुई सीजन की तीसरी बर्फबारी, ठंड बढ़ने से शुरू हुआ ग्रामीणों का पलायन
पिथौरागढ़, 04 अक्टूबर: दारमा घाटी में चीन सीमा के पास इस सीजन की तीसरी बर्फबारी हुई। यहां चार सेंटीमीटर और पहाड़ों में डेढ़ फुट से अधिक बर्फबारी हुई है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी होने से ठंड बढ़ने लगी है। इस कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा घाटी के 14 गांव और व्यास घाटी के सात गांवों में ठंड बढ़ गई है। जिसकी वजह से ग्रामीणों ने पलायन शुरू कर दिया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, चीन सीमा के पास आखिरी चौकी दरमा घाटी के निचले इलाकों में करीब एक फुट बर्फबारी हुई और 17,500 फुट की ऊंचाई पर पहाड़ों में चार फुट से ज्यादा बर्फबारी हुई है। बर्फबारी के बाद सुरक्षा बल के जवान विषम परिस्थितियों में सीमा की अंतिम चौकियों को बचाने में लगे हैं। इस दौरान उन्हें काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा है।
बता दें, सोमवार 03 अक्टूबर को मौसम साफ हुआ तो सुरक्षा बलों ने सीमा पर गश्त की। एएनआई की खबर के मुताबिक, दारमा घाटी के 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित ढाकर और बिदांग चौकी में भी एक फीट से अधिक बर्फबारी हुई है। 2 अक्टूबर को हुई बर्फबारी के कारण उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा घाटी के 14 गांव और व्यास घाटी के सात गांवों में ठंड बढ़ गई है।
दोनों घाटियों में लोगों ने पलथी, फाफर आदि फसलों की कटाई शुरू कर दी है। दोनों घाटी के लोग नवंबर पहले सप्ताह से निचली घाटियों में आने लगेंगे। व्यास घाटी के ज्योलीकांग, नाभीढांग, ओम पर्वत, आदि कैलाश, प्रसिद्ध पंचाचूली में भी बर्फबारी हुई है। लोगों के साथ ही सीमा की सुरक्षा में लगे जवानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।












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