उत्तराखंड के हजारों युवाओं और छात्रों को आचार संहिता हटने का इंतजार, जानिए क्यों
सरकारी नौकरियों और मुफ्त टेबलेट योजना पर लगी है रोक
देहरादून, 22 फरवरी। उत्तराखंड के युवा और छात्रों को भी आचार संहिता के खत्म होने का इंतजार है। जिसके लिए 10 मार्च तक का इंतजार करना होगा। प्रदेश में बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का दावा करने वाली सरकार ने 24 हजार पदों की भर्तियां खोलने का दावा किया था। जिसमें से करीब 11 हजार पदों पर भर्ती शुरू होनी हैं। दावा किया जा रहा है कि करीब 5700 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके अलावा राज्य सरकार के डिग्री कॉलेजों के छात्रों को मुफ्त टेबलेट देने की योजना के लाभार्थियों को भी 10 मार्च का इंतजार है, जब छात्रों को इसकी धनराशि मिलेगी। फिलहाल आचार संहिता के चलते छात्रों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।

9 हजार से ज्यादा पदों पर जारी हुई विज्ञप्ति
प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में रोजगार का मुद्दा सबसे बड़ा मुद्दा रहा है। भाजपा सरकार ने जहां एक साल में सबसे ज्यादा सरकारी नौकरी देने का दावा किया तो कांग्रेस ने सरकार आते ही 6 माह के भीतर सरकारी नौकरियां खोलने का दावा किया है। चुनावी साल को देखते हुए भाजपा सरकार में तीसरे मुख्यमंत्री के तौर पर सत्ता संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने सबसे पहले सरकारी नौकरियों का रास्ता खोलने का वादा किया। इसके लिए करीब 24 हजार पदों पर भर्ती करने का दावा भी किया गया। साथ ही कोविड को देखते हुए उम्र में एक साल की छूट दी गई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस साल विभिन्न विभागों के 9068 पद भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की। भर्ती प्रक्रिया में देरी के कारण राज्य के बेरोजगारों को अब नई सरकार के आने तक इंतजार करना पड़ेगा। सरकार ने अभ्यर्थियों को मार्च 22 तक आवेदन पत्र निशुल्क जमा करने और उम्र सीमा में एक वर्ष की छूट दी है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इस साल भर्तियों में रिकार्ड बनाया है। आयोग ने विभिन्न विभागों के 9068 पद पर चयन और भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी की है। इससे पहले किसी साल इतनी संख्या में भर्तियां नहीं हुई। इसी तरह लोक सेवा आयोग ने भी इस वर्ष एक हजार से ज्यादा पदों पर चयन प्रक्रिया की है। चिकित्सा चयन बोर्ड ने भी इस साल करीब 600 पदों पर भर्ती की हैं।
डिग्री कॉलेजों के करीब 1 लाख छात्रों को राशि का इंतजार
बोर्ड के छात्रों के अलावा प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 1 लाख छात्र-छात्राओं को टेबलेट देने का ऐलान किया था। लेकिन आचार संहिता के चलते छात्रों को इसकी धनराशि नहीं मिल पाई है। लाभार्थियों को टेबलेट के लिए मिलने वाली राशि के लिए भी 10 मार्च तक का इंतजार करना पड़ सकता है। ये राशि उच्च शिक्षा विभाग को संबंधित छात्रों को देनी है। जिसके बाद छात्र टेबेलेट खरीद सकेंगे। प्रदेश सरकार ने मुफ्त टेबलेट देने की योजना के तहत सरकारी स्कूलों के 1.59 लाख छात्र-छात्राओं को डीबीटी के जरिए 12-12 हजार रुपये दिए। इसमें कक्षा दस और 12 वीं के छात्रों को इस योजना के टैबलेट खरीदने के लिए पैसा देने का प्रस्ताव किया गया था। इसके बाद सरकार ने डिग्री कॉलेजों के छात्रों को भी इस योजना में शामिल कर लिया।












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