कार्बेट में चलती बाइक से युवक को उठाकर ले गया बाघ, स्थानीय लोगों में गुस्सा, वन मंत्री ने लिया संज्ञान
कार्बेट के मोहान में हाईवे से चलती बाइक पर बाघ का हमला
देहरादून, 18 जुलाई। कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के मोहान में हाईवे से चलती बाइक से बाघ के एक युवक को उठाकर जंगल में ले जाने की घटना से वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। मामले के संज्ञान में आने के बाद वन मंत्री ने भी अधिकारियों को जरुरी दिशा निर्देश दिए हैं। वन विभाग पर अब बाघ को रेस्क्यू करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

रात में हुई घटना, दिनभर चला रेस्क्यू
जानकारी के अनुसार शनिवार रात को अमरोहा जिले के मो. अनस अपने दोस्त अफसरुल के साथ अल्मोड़ा घूमने गए हुए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे यह लोग अल्मोड़ा जिले की सीमा पार कर नैनीताल जिले में दाखिल हुए। मोहान इंटर कॉलेज के निकट कालागढ़ टाइगर रिजर्व के मंदाल रेंज और रामनगर वन प्रभाग के कोसी रेंज के बीच गुजरने वाले इस हाईवे पर गुजरते हुए इन युवकों की बाइक पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ के हमले के दौरान बाइक मो. अनस चला रहा था। अफसरुल बाइक के पीछे बैठा था। इससे पहले की बाइक सवार युवक कुछ समझ पाता बाघ बाइक के पीछे बैठे अफसरुल को अपने जबड़े में दबाकर कोसी नदी की ओर चला गया। इस दौरान बाइक चला रहा अनस चीखता चिल्लाता रह गया। सूचना पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व पार्क, रामनगर वन प्रभाग, पुलिस ने जंगल में ले जाए युवक की तलाश के लिए सर्च अभियान भी चलाया। चलती बाइक से बाघ के युवक को उठाकर जंगल में ले जाने की घटना से वन महकमे में खलबली मच गई। कॉर्बेट पार्क के उप निदेशक नीरज कुमार ने बताया की नौ जुलाई को कॉर्बेट की टीम ने एक हिंसक बाघिन को पकड़ा था। उस समय बाघिन के बच्चे भी वहां मौजूद थे। उन्होंने आशंका जताई कि बाघिन के बच्चों ने यह हमला किया हो। वन मंत्री ने देहरादून में वनाधिकारियों से बात की। उन्होंने मोहान की घटना को लेकर पूरी जानकारी ली। इसके बाद बाघ को पकडऩे की दिशा में कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाघ को पकडऩे के आदेश भी दिए गए।
लापता युवक का हाथ मिला, लोगों में गुस्सा
घटना के बाद हाईवे पर बाइक सवारों को सावधान किया जा रहा है। हाईवे पर गश्त शुरू हो गई है। ग्रामीण घटना के बाद से लगातार बाघ को पकड़ने का दबाव बना रहे हैं। रविवार सुबह से ही लापता बाइक सवार युवक की तलाश की गई। इस दौरान लापता युवक का हाथ मिला। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे मोहन में जाम लगा दिया। उनका आक्रोश था कि बाघ से उन्हें सुरक्षा दिलाई जाए। इस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत भी घटनास्थल पर पहुंचे। हरीश रावत ने अपने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि गांव वाले बहुत क्रोधित हैं, क्योंकि यह दूसरी बार ऐसी वारदात है और वो चार बाघ हैं। एक मेल-फीमेल और दो उनके बच्चे या एक मां और तीन बच्चे जो भी हालत है और उनमें से मां को तो ट्रेंकुलाइज करके पहले पकड़ लिया गया है। लेकिन तीन अब भी हैं, जो खतरनाक हैं और जिनसे लोगों के जीवन को खतरा है। गांव के लोग अपने बहुत असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। जब मैं पहुंचा तो लंबी कतार लगी हुई थी। धरना देने के लिए सड़क पर लोग बैठे हुए थे। मैंने बमुश्किल ग्रामीणों का विश्वास जीता, जब उनके साथ स्वयं धरने पर बैठ गया। तब लोगों ने आश्वासन पर लोगों को जाने दिया, जाम खुलवाया। इस दौरान हरीश रावत ने मौके से ही अधिकारियों को फोन पर बातचीत की। इस दौरान तय हुआ गिरिजा चौकी से बाइक सवार युवकों को रोका जाएगा। उसके बाद वन विभाग व पुलिस के वाहनों की सुरक्षा में बाइक सवारों को मोहान रामनगर की सीमा तक छोड़ा जाएगा।












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