देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए तीर्थ पुरोहितों की नई पहल, डेडलाइन पूरी होने से पहले तेज हुई कसरत
उत्तराखंड में देवस्थानम बोर्ड को भंग करने के लिए तीर्थ पुरोहितों ने अनिल बलूनी से की मुलाकात
देहरादून, 19 अक्टूबर। चारधाम यात्रा के कपाट शीतकाल के लिए नवंबर में बंद हो जाएंगे। इससे पहले ही चारों धामों के तीर्थ पुरोहित एकजुट होकर देवस्थानम बोर्ड को लेकर राज्य सरकार पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने में जुट गए हैं। राज्य सरकार की और से 30 अक्टूबर की डेडलाइन मिली है। लेकिन उससे पहले ही तीर्थ पुरोहित सरकार तक अपनी बात पहुंचाने में जुटे हैं। चारधाम तीर्थ पुरोहितों ने राज्य सभा सांसद और राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी से मुलाकात की है। इससे पूर्व तीर्थ पुरोहितों ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है।

30 अक्टूबर है डेडलाइन
उत्तराखंड में भाजपा सरकार के लिए चुनावी साल में देवस्थानम बोर्ड सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। जिस पर पार्टी को बड़ा निर्णय लेने का दबाव बन रहा है। भाजपा सरकार के खिलाफ तीर्थ पुरोहित का विरोध और चारों धामों से जुड़ी विधानसभा सीटों के समीकरण भी मुसीबतें खड़ी कर सकती हैं। ऐसे में राज्य सरकार ने पहले ही एक हाईपॉवर कमेटी गठित की है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 30 अक्टूबर तक का समय भी मांगा है। इस बीच चारोंधामों में शीतकाल के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू होने का समय भी नजदीक है। जिसको लेकर तीर्थ पुरोहितों की चिंताएं बढ़ने लगी है। ऐसे में एक बार फिर तीर्थ पुरोहितो ने राज्य सरकार पर जल्द से जल्द देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग तेज कर दी है।
अनिल बलूनी ने किया आश्वस्त
चार धाम तीर्थ पुरोहितों के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान देवस्थानम एक्ट को समाप्त करने की मांग चार धामों के तीर्थ पुरोहितों की ओर से की गई। गंगोत्री मंदिर समिति के सहसचिव राजेश सेमवाल ने बताया कि मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी ने पुरोहितों को आश्वस्त किया कि जल्दी ही उत्तराखंड राज्य सरकार देवस्थानम प्रबंधन एक्ट 2019 को वापस लेगी। अनिल बलूनी ने पुरोहितों से कहा है कि इस संदर्भ में पार्टी के स्तर पर भी लगभग सहमति बन गई है।
विश्व हिंदू परिषद से मांगा समर्थन
इससे पूर्व चार धाम तीर्थ पुरोहित हकहकूकधारी महापंचायत के संयोजक सुरेश सेमवाल के नेतृत्व में चार धामों के तीर्थ पुरोहितों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार से मुलाकात की । इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने उत्तराखंड सरकार द्वारा बनाई गई देवस्थानम एक्ट को समाप्त करने की मांग की। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष ने तीर्थ पुरोहितों की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे तीर्थ पुरोहितों के साथ खड़े हैं। प्रेस को जारी बयान में चार धाम तीर्थ पुरोहित महापंचायत के प्रवक्ता डा बृजेश सती ने बताया कि सुरेश सेमवाल के नेतृत्त्व में वीएचपी के अध्यक्ष से मुलाकात की । इस दौरान देवस्थानम एक्ट को खत्म करने की एक सूत्रीय मांग उनके समक्ष रखी । उन्हें बताया कि देवस्थानम ऐक्ट के बजूद में आने के बाद चारों धामों में परंपराएं टूटने के साथ ही यात्रा प्रबंधन एवं संचालन में भी देवस्थानम बोर्डअसफल रहा। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे मंदिरों के सरकारी करण के विरोध में हैं । इस संदर्भ में जुलाई माह में विश्व हिंदू परिषद की कार्यकारी परिषद की बैठक में भी प्रस्ताव पारित किया गया। प्रतिनिधिमंडल में सुरेश सेमवाल, डा बृजेश सती, गंगोत्री मंदिर के सह सचिव राजेश सेमवाल पंडित विनोद प्रसाद रतूड़ी आदि शामिल थे।












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