Uttarakhand news: शिक्षकों का आंदोलन शुरू, स्कूलों में पढ़ाई चौपट, चाक डाउन के तहत कार्यबहिष्कार, जानिए मांगे
Uttarakhand news: उत्तराखंड में शिक्षक संघ ने एक बार फिर विरोध शुरू कर दिया है। प्रदेश भर में राजकीय शिक्षक संघ के बेनर तले चाक डाउन कार्यक्रम कार्य बहिष्कार कार्यक्रम के साथ शुरू हो गया है। शिक्षक संघ का आरोप है कि सरकार बिना शिक्षक संघ को विश्वास में लिए फैसले ले रही है, जिसमें 50% रिक्त प्रधानाचार्य के पद का निर्णय शामिल हैं।
ऐसे कई फैसले और मांग को लेकर शिक्षकों ने विरोध शुरू किया है। जो कि बड़े आंदोलन का रुप लेगा। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने बताया कि पहले दिन सभी जिलों में 99% शिक्षकों ने कार्य बहिष्कार किया।

संगठन का कहना है कि 100 प्रतिशत सभी स्तरों पर पदोन्नति, स्थानांतरण, प्रधानाचार्य विभागीय सीधी भर्ती नियमावली को समाप्त करना, चयन प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत होने पर एक वेतन वृद्धि का लाभ, प्रारंभिक शिक्षा से समायोजित शिक्षकों को पूर्व की सेवाओं को जोड़ते हुए चयन, वेतनमान प्रोन्नत वेतनमान स्वीकृत और तदर्थ शिक्षकों को सेवा जोड़ते हुए चयन वेतनमान स्वीकृत के स्पष्ट आदेश के लिए संगठन की कई दौर की वार्ता सरकार शासन एवं विभाग से हो चुकी है।
लेकिन ना तो पदोन्नति हो पा रही है ना ही अन्य समस्याओं का समाधान हो पा रहा है। जिसके लिए संगठन ने दो महीने पूर्व विभाग को सूचना दे दी थी कि अगर समय पर समस्त रिक्त पदों पर पदोन्नति नहीं की जाती है तो संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। राम सिंह चौहान ने कहा कि विभाग में 17500 सहायक अध्यापक और 12560 प्रवक्ता के पद स्वीकृत हैं जिनके लिए 930 प्रधानाध्यापक और 1385 प्रधानाचार्य के पदोन्नति के पद हैं। लेकिन सरकार द्वारा अपनी ही व्यवस्था को समाप्त करते हुए शिक्षकों के साथ छलावा किया जा रहा है। वह बगैर संगठन को विश्वास में लिए 50% प्रधानाचार्य के पद सीधी भर्ती के लिए दे दिए।
जिसका शिक्षक संघ विरोध करता है। उन्होंने बताया कि छठे वेतनमान में सभी कार्मिकों को तीन पदोन्नति देने का संकल्प सरकार के द्वारा पारित किया गया था, लेकिन अध्यापकों के लिए दो ही पदोन्नति के पद हैं। प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्य उसमें से भी 50% आयोग को देना किसी भी प्रकार से न्यायोचित नहीं है। संगठन लगातार पदोन्नति की मांग कर रहा है जो विवाद न्यायालय में हैं। शिक्षक संघ का आरोप है कि शिक्षक एक ही पद पर 30 और 35 वर्ष की सेवा कर लगातार सेवानिवृत हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि 18 अगस्त से निरंतर कार्य बहिष्कार उसके बाद ब्लॉक मुख्यालय पर धरना, जिला मुख्यालय पर धरना, मंडल मुख्यालय पर धरना और अंत में प्रदेश स्तर पर धरना प्रदर्शन आमरण आसान किया जाएगा। शिक्षक संघ का कहना है कि संगठन इस बार किसी भी चलावे में नहीं आएगा और अपने मांगे मनवाने के बाद ही वापस अपने कार्यक्षेत्र में लौटेगा।












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