कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष के मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर किए दावे से आ सकता है सियासी तूफान, जानिए क्या कहा
मुस्लिम यूनिवर्सिटी की उत्तराखंड में नींव रखने का किया दावा
देहरादून, 28 मार्च। उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए चुनाव बाद भी विवाद खत्म होता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी में हार के कारणों को लेकर हुए मंथन के बाद भी नेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने में जुटे हैं। पार्टी के सीनियर नेताओं ने जिस तरह हार का ठीकरा मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर फोड़ा है। उसके बाद कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आकिल अहमद ने एक बार फिर मीडिया में अपना पक्ष रखते हुए हार का कारण पार्टी के अंदर की कमियों को माना है। इतना ही नहीं आकिल अहमद ने एक बार फिर दोहराया कि वे मुस्लिम यूनिवर्सिटी की उत्तराखंड में नींव रखेंगे।

हार का कारण बताया पार्टी नेताओं की कमियां
मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर एक बार फिर से सोशल मीडिया पर बयान जमकर वायरल हो रहे हैं। चुनाव के दौरान मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा उठाने वाले कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष आकिल अहमद ने अपनी ही पार्टी के नेताओं पर हमला बोलते हुए सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस,मुस्लिम यूनिवर्सिटी वाले बयान से चुनाव नहीं हारी बल्कि स्वयं की कुछ कमियां पार्टी को जीत नहीं दिला पाए। आकिल अहमद ने टिकट बंटवारे को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि टिकटों के बंटवारे में बड़े धनबल का इस्तेमाल हुआ है। आकिल ने कहा कि जो लोग 5 साल से मेहनत कर रहे थे उन्हें टिकट नहीं मिला। चापलूस लोगों को टिकट मिले। पैसा लेकर टिकट दिया गया। उन्होंने कहा कि वे आगामी 2024 में हरिद्वार सीट से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे और इसके बाद वो मुस्लिम यूनिवर्सिटी की शुरुआत करेंगे। आकिल अहमद का ने दावा किया कि वह व्यक्तिगत रूप से मुस्लिम यूनिवर्सिटी की नींव रखेंगे। वे मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने की लड़ाई मजबूती के साथ लड़ेंगे।
क्यों खड़ा हुआ है विवाद
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले देहरादून जिले की सहसपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस नेता आकिल अहमद ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की मांग की थी। उन्होंने चुनाव में पहले सहसपुर सीट से दावेदारी की थी। बाद में चुनाव न लड़ने की शर्त को लेकर उन्होनें मांग की प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोली जाएगी। इसके बाद आकिल को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई थी। साथ ही अहमद को हरिद्वार ग्रामीण सीट की भी जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मांग के बाद पूरे प्रकरण में कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत पर की भूमिका पर सवाल उठाए गए। जिसको लेकर भाजपा ने चुनाव में जमकर कांग्रेस पर हमला बोला। कांग्रेस की चुनाव में 19 सीटें ही जीतकर आई। जिस पर मंथन के बाद हार के कारणों में मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा प्रमुख कारण माना गया।
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