गलत जवाब पर भी खटाखट नंबर,श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में मूल्यांकन में गलती पर जांच के साथ हो गई बड़ी कार्रवाई
श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में मूल्यांकन में गलती का मामला गरमा गया है। गलत जवाब पर खटाखट नंबर देने की शिकायत सामने आने के बाद उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने गंभीरता से लिया है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वविद्यालय के कुलपति को इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही उत्तर पुस्तिकाओं का गलत मूल्यांकन करने वाले परीक्षकों कोे दस साल के लिए मूल्यांकन कार्य बाहर करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कुलपति को विश्वविद्यालय में स्थाई परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति करने को भी कहा है।

बता दें कि मूल्याकंन में गड़बड़ी को लेकर सूचना आयोग पहले ही सख्ती दिखा चुका है। इससे पूर्व श्रीदेव सुमन विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी ने विवि के परीक्षा नियंत्रक को कार्यमुक्त करने के साथ ही लोक सूचना अधिकारी भी बदल दिया। मूल्यांकन में गलती करने वाले शिक्षकों को 10 साल के लिए डिबार किया जाएगा। इस गड़बड़ी की जांच को उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन भी किया जा चुका है।
विवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी श्रीवास्तव ने बीते 22 जून को विवि के कुलपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया था, लेकिन विवि की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन संबंधी कार्य के चलते उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया था। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में लगातार मिल रही गड़बड़ी की शिकायतों और राज्य लोक सूचना आयुक्त योगेश भट्ट के आदेशों के बाद कुलपति प्रो. एनके जोशी ने परीक्षा नियंत्रक को कार्यमुक्त कर दिया।
उनकी जगह विवि के ऋषिकेश परिसर के वाणिज्य संकाय के प्रो. चतर सिंह नेगी को अग्रिम आदेशों तक विश्वविद्यालय का परीक्षा नियंत्रक बना दिया गया है। ऋषिकेश परिसर में केमिस्ट्री के शिक्षक डॉ. राकेश कुमार जोशी को उपकुलसचिव व लोक सूचना अधिकारी का प्रभार दे दिया है।
बीते मंगलवार को राज्य सूचना आयोग में श्रीदेव सुमन विवि की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की बड़ी लापरवाही सामने आई थी। परीक्षकों ने उन सवालों के उत्तर पर भी अंक दे दिए थे, जो गलत थे। कई सवाल ऐसे थी सामने आए थे, जिनका मूल्यांकन ही नहीं किया गया था। मामले को राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने गंभीर चूक मानते हुए विवि कुलसचिव को व्यक्तिगत पेशी के आदेश दिए थे। लोक सूचना अधिकारियों पर दस हजार का जुर्माना लगाया था। पूरे मामले में अपीलार्थी के खर्च की भरपाई विवि से करने को लेकर कुलपति से भी जवाब मांगा था।












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