तो क्या उत्तराखंड में BJP को सबसे बड़ा झटका देगी कांग्रेस? इन दो तस्वीरों ने उड़ाई भाजपा की नींद
पूर्व सीएम हरीश रावत और त्रिवेंद्र सिंह रावत की एक माह में दूसरी मुलाकात
देहरादून, 21 दिसंबर। उत्तराखंड की सियासत में पिछले एक माह में दो तस्वीरों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों खेमों में बैचेनी बढ़ा दी हैं। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जन्म दिन पर पूर्व सीएम हरीश रावत त्रिवेंद्र रावत के आवास पर बधाई देने पहुंच गए। जिसके बाद एक बार फिर सियासी मायने निकालने शुरू हो गए हैं। ये मुलाकात इस लिए भी खास मानी जा रही है, कि बीते एक माह में त्रिवेंद्र और हरीश रावत की ये दूसरी बार मुलाकात हो गई है। इससे पहले 21 नवंबर को हरीश रावत और त्रिवेंद्र रावत के बीच हुई मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में खासा चर्चा हुई थी।

हरदा पहुंचे त्रिवेंद्र के घर
उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव के लिए अब कम ही समय बचा है। कुछ ही दिनों में आचार संहिता लगने वाली है। ऐसे में भाजपा, कांग्रेस दोनों दलों ने चुनाव को लेकर पूरा जोर लगा दिया है। कांग्रेस की बात करें तो चुनाव अभियान की कमान पूर्व सीएम हरीश रावत के हाथ में ही है। ऐसे में हरीश रावत लगातार कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे हैं। भाजपा की और से सीएम पुष्कर सिंह धामी के चेहरे पर ही चुनाव लड़ने का ऐलान हो चुका है। ऐसे में 4 साल तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत इन दिनों अपने क्षेत्र में ही एक्टिव नजर आ रहे हैं। भाजपा के बड़े कार्यक्रमों को छोड़कर त्रिवेंद्र सिंह रावत ज्यादातर दूरियां बना रहे हैं। इस बीच सोमवार को पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपना जन्म दिन मनाया। पूर्व सीएम हरीश रावत भी किसी कार्यक्रम से लौटते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत को बधाई देने पहुंच गए। दोनों के बीच लंबी बातचीत भी हुई है।

उम्र को लेकर दिया चुटकीला जबाव
बातचीत के दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत ने त्रिवेंद्र को जब उम्र के बारे में पूछा तो त्रिवेंद्र ने चुटकीले अंदाज में जवाब दिया कि 'क्यों पूछ रहे हैं आप ऐसा। हमारे यहां भाजपा में ऐसा नहीं पूछते। पता लगा कि उन्होंने कह दिया कि आपका पूरा हो गया, अब जाओ। कांग्रेस की तरह नहीं कि जब तक चल रहे हैं, चल रहें हैं, घिसट रहे हैं।' साफ है कि त्रिवेंद्र सिंह के बयान और पूर्व सीएम की मुलाकात को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं। इससे पहले जब हरीश रावत और त्रिवेंद्र की एक माह पहले मुलाकात हुई तो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो गई।

हरदा के कदम से सियासत गर्माई
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत उत्तराखंड की राजनीति के बड़े खिलाड़ी हैं। हरीश रावत का हर कदम सियासत के मायने तलाशने के लिए काफी होता है। 4 साल के कार्यकाल को पूरा करने से पहले ही त्रिवेंद्र को हटाने के बाद से लगातार ये खबरें सामने आई कि त्रिवेंद्र पार्टी हाईकमान के फैसले से संतुष्ट नहीं थे। जिस तरह से त्रिवेंद्र को हटाया गया। जिसके बाद पार्टी में खुलकर गुटबाजी भी सामने आई। त्रिवेंद्र की नाराजगी जो फेक्टर रहे हैं वे ही कभी पूर्व सीएम हरीश रावत की सरकार गिराने के फेक्टर माने जाते हैं। ऐसे में हरदा को त्रिवेंद्र से नजदीकियां बनाने का मौका मिल गया। साथ ही अपने कार्यकाल में त्रिवेंद्र ने कभी भी हरदा को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की तो हरदा ने भी खुलकर कभी त्रिवेंद्र सरकार पर हमला किया। हालांकि समय मिलने पर वो पार्टी और सरकार को जरुर कोसते हुए नजर आए, लेकिन सीधे सीएम पर हमलावर नजर नहीं आए। ऐसे में दोनों की मुलाकात के सियासी मायने निकलने तय हैं।












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