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Shankaracharya controversy बदरीनाथ पुरोहितों ने दिया गाडू घड़ा धार्मिक अनुष्ठान का न्यौता, जानिए क्यों है खास

Shankaracharya controversy प्रयागराज में मौनी अमावस्या गंगा स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज की यूपी में प्रशासन से विवाद जारी है। लेकिन उत्तराखंड में शंकराचार्य को धार्मिक कार्यक्रम के लिए विशेष निमंत्रण भेजा गया है।

बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय की शीर्ष पंचायत श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को धार्मिक अनुष्ठान के लिए न्योता भेजा है। शंकराचार्य को भगवान श्री बदरी विशाल के तेल कलश यानी गाडू घड़ा के ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम प्रस्थान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

Shankaracharya controversy Badrinath priests invite Gadu Ghada religious ritual why special

बताया जा रहा है कि शंकराचार्य स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज जल्द उत्तराखंड आने वाले हैं। गाडू घड़ा यात्रा बदरीनाथ धाम की सबसे महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है। जिस वजह से शंकराचार्य को निमंत्रण मिलना एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है।

ज्योतिषपीठ बदरीनाथ धाम है। यहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज शंकराचार्य के रूप में विराजमान हैं। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया के दौरान पौराणिक परंपराओं के साथ गढ़वाल नरेश के राज दरबार नरेंद्र नगर में महारानी के नेतृत्व में सुहागिन महिलाएं तिलों का तेल निकालती हैं। इसी तेल का भगवान बदरी विशाल के लेप और अखंड ज्योति के लिए प्रयोग किया जाता है।

विशेष बात ये है कि इस तेल को पिरोने के लिए मशीन प्रयोग में नहीं लाई जाती है। इसे पारंपरिक तरीकों सिलबट्टे, कोल्हू और हाथों से निकालने की परंपरा है। तेल पिरोने के बाद एक निश्चित तिथि को एक धार्मिक यात्रा के रूप में गाडू घड़ी यात्रा बदरीनाथ धाम को निकलती है। इस साल बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः 6:15 बजे भगवान बदरी विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे। इससे पहले गाडू घड़ा यात्रा 7 अप्रैल से आरंभ होगी।

प्रयागराज में हुए घटनाक्रम के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के शंकराचार्य पद को लेकर विवाद हुआ था। प्रयागराज से बिना गंगा स्नान किए काशी पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने योगी सरकार को 40 दिनों का अल्टीमेटम दिया है।

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को गौमाता को राज्य माता का दर्जा देने के लिए 40 दिन का अल्टीमेटम देते हुए अपनी मांगें रखीं। विवाद के बीच अब उत्तराखंड के बदरीनाथ धाम से जुड़ा एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। श्री बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय की शीर्ष पंचायत श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को भगवान श्री बदरी विशाल के तेल कलश यानी गाडू घड़ा के ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम प्रस्थान में शामिल होने का आग्रह किया गया है।

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