पुतला दहन से पहले रावण, कुंभकरण और मेघनाद धड़ाम, दशहरे पर बारिश और तेज हवा से पड़ा खलल, जानिए कहां
Dussehra news: देशभर में आज दशहरे और विजयादशमी पर्व की धूम है। हर तरफ रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले खड़े किए गए हैं। जिनका पुतला दहन किया जाना है। इस बीच उत्तराखंड में बारिश और तेज हवा का दौर शुरू हो गया है। जिसकी वजह से दशहरे में कई जगह खलल पड़ता हुआ नजर आया।
ऐसी ही एक तस्वीर उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर से सामने आई, जब अचानक से रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले दहन से पहले ही धड़ाम गिर गए। इस दौरान वहां पर आए लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल हो गया। बताया जा रहा है कि तीनों पुतले क्षतिग्रस्त हो गए।

अब आयोजनों की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात की जा रही है। उधम सिंह नगर जिला मुख्यालय रुद्रपुर में भी हर साल रावण, कुंभकरण और मेघनाद का पुतला दहन किया जाता है, लेकिन इस बार पुतला दहन कार्यक्रम में मौसम ने खलल डाल दी। अचानक आई तेज हवा और बारिश के कारण रुद्रपुर के गांधी पार्क में खड़े किए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले धराशायी हो गए। पुतलों के नीचे गिरने से क्षतिग्रस्त भी हो गए। गमीनत रही कि इन पुतलों की चपेट में नहीं आया। जिससे बड़ा हादसा टल गया। हालांकि आयोजक समिति फिर से इंतजाम में लगी हुई है।
रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले बनाने में कारीगरों को एक माह का समय लग जाता है। जबकि 10 से 20 लोग दिनरात काम कर पुतले तैयार करते हैं। साथ ही पुतले बनाने में लाखों रुपए खर्च और मेहनत लगती है। इस बार रुद्रपुर में 65 फीट का रावण और 60-60 फीट के मेघनाद और कुंभकरण पुतले का निर्माण किया गया था। लेकिन मौसम ने इस बार तीनों को धराशायी कर दिया है।
देहरादून में भारी बारिश से पुतला दहन कार्यक्रम पर असर पड़ जाता है। हालांकि इस बार देहरादून के परेड ग्राउंड में तैयार किया गया रावण 121 फीट का बनाया गया है जो कि कपड़ा और टेरीकोट से तैयार किया गया है। कारीगरों का दावा है कि बारिश से रावण का पुतला गिला नहीं होगा और आसानी से धू धू कर जलेगी। इसके अलावा हिंदू नेशनल कॉलेज में तैयार किया रावण को रेनकोट पहनाया गया है।












Click it and Unblock the Notifications