RSS के कार्यक्रमों में राज्य कर्मचारियों को जाने की धामी सरकार ने दी छूट,रखी ये शर्त,कांग्रेस मुखर
उत्तराखंड में धामी सरकार ने राज्य कर्मचारियों को लेकर बड़ा आदेश जारी किया है। सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए राज्य कर्मचारियों को छूट दे दी है। हालांकि छूट के लिए कुछ शर्त भी रखी गए है। इस बीच आदेश को लेकर नई बहस भी छिड़ गई है।
अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अब राज्य कर्मचारी सुबह और शाम के समय होने वाली राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा के साथ सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर सकेंगे, इसे कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन के दायरे में नहीं माना जाएगा।

हालांकि इस आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने की छूट उन्हें स्थितियों में मान्य होगी, जब तक इससे सरकारी कर्तव्य और दायित्व में कोई अड़चन न पड़ती हो। राज्य कर्मचारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में सरकारी कार्यालय अवधि से पहले या इसके बाद ही शामिल हो सकते हैं।
कर्मचारी आचरण नियमावली को लेकर एक बार फिर इस आदेश के बाद बहस छिड़ गई है। कांग्रेस ने राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संगठन मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि सरकार का ये फैसला तानाशाही है। सरकार राज्य कर्मचारियों की मर्यादा को भंग करने की कोशिश कर रही है। जोशी ने कहा कि लोकसेवक इस तरह के कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकता है। भाजपा इसका राजनीतिकरण कर रही है।
आरएसएस की शाखा में जाने की छूट देने के बाद इस पर सोशल मीडिया में भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि आरएसएस कोई राजनीतिक संगठन नहीं है। फैसले का स्वागत कर रहे हैं तो कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वालों का कहना है कि आरएसएस भाजपा की ही अंग है।












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