पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राजनीति गर्माई, धामी सरकार की मुश्किलें बढ़ा रहा कर्मचारियों का आंदोलन

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन को लेकर उचित कार्रवाई की मांग

देहरादून, 12 नवंबर। पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करने के लिए राज्य कर्मचारी आंदोलनरत हैं। अब 15 नवंबर को देहरादून में बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। जिससे सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर पुरानी पेंशन को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है। जिससे चुनावी साल में राजनीति गर्मा गई है।

Politics heats up regarding restoration of old pension in Uttarakhand, the movement of state employees is increasing the difficulties of the Dhami government

आंदोलनरत हैं कर्मचारी
वर्ष 2005 में पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर नई पेंशन योजना शुरू कर दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद कार्मिक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैैं। ऐसे में प्रदेश के 80 हजार से ज्यादा कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। इसके लिए लंबे समय से विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। अब पुरानी पेंशन बहाली को लेकर संयुक्त मोर्चे ने 15 नवंबर को बड़ी रैली आयोजित की है। जिसे देखते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने पुरानी पेंशन बहाली पर कार्यवाही करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखा है। जिसके बाद अब चुनावी साल में पुरानी पेंशन बहाली का मुद्दा चुनावी रंग में नजर आने लगा है। इधर संयुक्त मोर्चा लगातार अपने विरोध के तरीकों से सरकार का ध्यान अपनी और खिंचने में लगा है। 14 नवंबर को उत्तराखंड में स्थानीय बग्वाल इगास पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सभी कर्मचारियों को एक दीया पेंशन की मांग को लेकर जलाने का आह्वान किया है।

चेतावनी रैली से भाजपा को डर
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 7 नवंबर को भी प्रदेशभर के कर्मचारियों ने चेतावनी रैली निकाली थी। जिससे बाद सरकार अलर्ट मोड पर है। कर्मचारियों के भारी विरोध को देखते हुए सरकार अब डेमेज कंट्रोल में भी जुटी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कौशिक ने कर्मचारियों के हित पुरानी पेंशन बहाली के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। जिसको लेकर कैबिनेट में भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि राज्य सरकार के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग को पूरा करना आसान नहीं है। लेकिन चुनावी साल में राज्य कर्मचारियों का दबाव सरकार को मुश्किल में डाल सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जिस तरह से चुनाव से पहले फैसले ले रहे हैं, उससे राज्य कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई है।

कर्मचारियों ने सरकार को चेताया
चुनावी साल को देखते हुए कर्मचारी सरकार पर दबाव बनाने में जुटे हैं। संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत का कहना है कि यह सरकार के लिए निर्णायक समय है, इसलिए कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर वह एक नजीर पेश करते हुए मांग पर कार्रवाई करे। ऐसा नहीं होता है तो कार्मिक आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हैैं। उन्होंने कहा कि चेतावनी रैली के रूप में कार्मिकों ने मुख्यमंत्री तक आवाज पहुंचाई है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस बाबत शीघ्र कोई सकारात्मक कदम उठाएंगे। पुरानी पेंशन को लेकर लंबे समय से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन सरकार आंखें मूंदे बैठी है। मंत्री-विधायक से लेकर शासन और मुख्यमंत्री को भी कई बार मांग से अवगत कराया जा चुका है। अब तक कार्रवाई न होना बेहद निराशाजनक है। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली की मांग उनका पूर्ण समर्थन है। उन्होंने कहा कि सरकार को समझना होगा कि पुरानी पेंशन का मुद्दा कितना अहम है और इसे लागू करना ही होगा। राज्य कर्मचारी सरकार को चेतावनी भी दे रहे हैं कि पुरानी पेंशन बहाल नहीं की तो आगामी चुनाव में गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+