केदारनाथ पद यात्रा से गरमाई सियासत, कांग्रेस का दावा- जनता का मिला साथ, भाजपा बोली- कुर्सी बचाने की यात्रा
केदारनाथ को लेकर कांग्रेस की पद यात्रा को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस जहां केदारनाथ बचाओ के नारे के साथ इस यात्रा का संचालन कर रही है।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस की यात्रा को औचित्यहीन बताते हुए, गुट विशेष की दौड़ ठहराया है। कांग्रेस की केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा (पद यात्रा) शिवपुरी से शुरू होकर शाम तक देवप्रयाग पहुंची।

तीसरे दिन शिवपुरी में ध्वजारोहण के साथ यात्रा शुरू हुई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज वह गौरवशाली दिन है, जिस दिन भारतीय सेना ने दुश्मन को हराकर उसके मंसूबों को नाकाम करते हुए कारगिल में विजय प्राप्त की थी। उन्होंने कहा कि पद यात्रियों का उत्साह देखते ही बनता है इस पद यात्रा को स्थानीय जनता का जो सहयोग और प्यार मिल रहा है उससे मैं अभिभूत हूं इससे मुझे यह समझ में आ रहा है कि केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा का संदेश आमजन मानस तक पहुंच रहा है।
भाजपा नेता जोत सिंह बिष्ट ने गुटबाजी को लेकर कांग्रेसी दुखती रग पर हाथ रखते हुए तंज किया कि माहरा अपनी अध्यक्ष की कुर्सी बचाने के लिए यात्रा में हैं और विरोधी उनको हटाने के लिए यात्रा से दूरी बनाए हैं। जबकि सच्चाई यह है कि मुख्यमंत्री अपनी कैबिनेट के निर्णय से यात्रा के औचित्य पर पहले ही पूर्ण विराम लगा चुके हैं। उन्होंने आइना दिखाते हुए कहा, कांग्रेस की गुटबाजी जगजाहिर है, लेकिन अफसोस तब होता है जब वे अपनी कुर्सी की लड़ाई के लिए भगवान के नाम का उपयोग करते हैं।
कांग्रेस की यह यात्रा एक गुट विशेष की यात्रा बनकर रह गई है, यह हरिद्वार से केदारनाथ तक की यात्रा से पूरी तरह से परिलक्षित हो रही है। सबने देखा है कि इस यात्रा में पहले दिन कांग्रेस के कई बड़े चेहरों जैसे प्रीतम सिंह, काजी निजामुदीन, विक्रम सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह नेगी जैसे लोग ने इसमें शामिल होने से परहेज किया है।
कल तक अपना पोस्टर ब्यॉय बताने वाले पौड़ी लोकसभा प्रत्याशी गणेश गोदियाल भी यात्रा रूट पर नदारद हैं। वहीं गढ़वाल मंडल के कांग्रेस के बड़े नेता इस यात्रा में कहीं दिखाई नहीं दे रहे है। इससे साफ दिखाई दे रहा है कि यात्रा पर एक गुट विशेष का कब्जा है। दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी हथियाने की लड़ाई लड़ चरम पर है, जिसमे माहरा अकेले पड़ गए हैं ।












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