उत्तराखण्ड में वैडिंग डेस्टिनेशन विकसित करने के लिए बनेगी पॉलिसी, जानिए कब तक, क्यों है जरुरत
पीएम मोदी के उत्तराखंड को वैडिंग डेस्टिनेशन के तोर पर विकसित करने के सपने को पूरा करने के लिए धामी सरकार ने वैडिंग डेस्टिनेशन को लेकर पॉलिसी तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उत्तराखण्ड में वैडिंग डेस्टिनेशन विकसित किये जाने के लिए पर्यटन विभाग को चार सप्ताह में पॉलिसी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विरासत के साथ विकास के मॉडल पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आगामी 25 साल की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकास योजनाओं का सुनियोजित प्लान कर कार्य किये जाएं।

2047 तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में भी अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालीन योजनाओं पर कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश को वैडिंग डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाने के लिये विभिन्न स्थलों का चयन कर वहां अवस्थापना सुविधाओं के विकास पर ध्यान देने को कहा।
इसके लिए वेडिंग प्लानरों, होटल समूहों से सहयोग लेकर इसके प्रचार प्रसार पर भी ध्यान देने पर बल दिया। राज्यों में दो नये शहरों के विकास और सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना के तहत कार्य करने के उन्होंने निर्देश दिये।
बता दें कि उत्तराखंड में त्रियुगीनारायण मंदिर प्रदेश का सबसे बड़ा वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर पहचान बना रहा है। इसे भी सरकार हरिद्वार के शांतिकुंज के तर्ज पर विकसित करने की प्लानिंग पर काम कर रहा है। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजेय का कहना है कि त्रियुगीनारायण में शादी विवाह समारोह के लिए खास प्लान तैयार किया जा रहा है।
जिसे शांतिकुंज की तर्ज पर डेवलप करने की तैयारी है। इसके अलावा प्रदेश में औली,ऋषिकेश,मसूरी समेत कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें वेडिंग डेस्टिनेशन के तौर पर डेवलप करने के लिए खास प्लान पर काम किया जा सकता है।












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