13 माह बाद पेपरलीक का मास्टरमाइंड हाकम सिंह होगा जेल से रिहा, UKSSC प्रकरण से लेकर कई मामलों से आया चर्चा में
उत्तराखंड में पेपरलीक का मास्टरमाइंड माने जा रहे हाकम सिंह को स्पेशल गैंगस्टर एक्ट में जमानत मिल गई है। जिसके बाद अब हाकम सिंह 13 माह बाद जेल से रिहा होगा। हाकम सिंह को एक मामले में हाईकोर्ट और दूसरे माह में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

जुलाई 2022 में उत्तराखं अधीनस्थ चयन आयोग की ओर से रायपुर थाने में स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक संबंधी मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर ही कार्रवाई की गई। जिसमें पुलिस ने 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां की। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा उत्तरकाशी का हाकम सिंह।
13 अगस्त 2022 को पुलिस ने मौरी निवासी हाकम सिंह को बैंकाक से देहरादून लौटते ही दबोच लिया। इसके बाद विजिलेंस में दर्ज वीपीडीओ भर्ती धांधली की जांच में हाकम सिंह मुख्य आरोपी के रुप में सामने आया। 2015 में हुई दारोगा भर्ती धांधली में भी हाकम का नाम सामने आया। लेकिन इस मामले में हल्द्वानी विजिलेंस ने कोर्ट से रिमांड नहीं मांगी है। हाकम सिंह पर एसटीएफ ने गैंगस्टर एक्ट में भी कार्रवाई की। जिसके बाद उसका मोरी में स्थित आलीशान गेस्ट हाउस समेत कई संपत्तियों पर बुलडोजर चलाया गया।
हाकम सिंह को उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों का सौदागर माना जाता है। जो कि नेता, कारोबारी और अभिनेता के रुप में भी काम करता आया। हाकम सिंह को ही सरकारी नौकरियों का सौदागर माना जाता रहा है। हाकम के बारे में जब पुलिस ने जांच पड़ताल की तो कई हैरान करने वाले खुलासे हुए। हाकम ने पहले उत्तरकाशी के मौरी इलाके से छोटा काम शुरू किया और उत्तरप्रदेश के नकल माफियाओं तक कनेक्शन जोड़ लिए। शुरूआत में हाकम सिंह उत्तरकाशी के एक प्रशासनिक अधिकारी के घर कुक का काम करता था।
कुछ दिनों बाद उस अधिकारी का ट्रांसफर हरिद्वार हुआ तो वह अधिकारी का ड्राइवर बन कर काम करने लगा। हरिद्वार में हाकम का कुछ लोगों के साथ उठना बैठना हुआ तो वह पेपरलीक के धंधे से जुड़ गया। यहां उसकी मुलाकात यूपी के नकल माफियाओं से हो गई। वर्ष 2008 में वह पंचायत की राजनीति में सक्रिय हो गया। वर्ष 2019 के पंचायत चुनाव में वह जिला पंचायत सदस्य बन गया। इस बीच हाकम ने राजनीति में अच्छी पेंठ बना ली।
हाकम सिंह ने सियासत से लेकर पुलिस महकमे के अधिकारियों के साथ फोटो खिंचाकर अपनी पैठ बिठानी शुरू कर दी। हाकम सिंह ने अकूत संपत्ति अर्जित कर सांकरी में आलीशान रिजॉर्ट तैयार करवा लिया। लेकिन जांच होने के बाद रिजॉर्ट के द्वारा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने की पुष्टि की गई। इसके बाद पहले नोटिस और फिर ध्वस्तीकरण की गई। इस तरह पुलिस और प्रशासन ने हाकम के द्वारा अवैध रुप से अर्जित की गई संपत्तियों को ध्वस्त किया गया।












Click it and Unblock the Notifications