चंपावत में प्रधान का चुनाव जीतने के बाद भी काजल कैसे हारी, जानिए क्यों और कैसे सुलझेगा विवाद
Panchayat chunav 2025: उत्तराखंड में पंचायत चुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं। जिनमें से कुछ जनप्रतिनिधियों ने तो गांव के विकास के लिए सोचना शुरू कर दिया है, लेकिन उत्तराखंड के चंपावत का एक गांव ऐसा है जहां प्रधान पद को लेकर नया विवाद सामने आया है।
यहां प्रधान निर्वाचित घोषित हुई महिला ने सामने आकर नई दुविधा उत्पन्न कर दी है। महिला का कहना है कि वह चुनाव हारी हैं और दूसरा प्रत्याशी चुनाव जीता है। अब प्रशासन को 30 दिन में रिकाउंटिंग कर परिणाम घोषित करना होगा। ये मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

चंपावत जिले के चम्पावत ब्लॉक में ग्राम पंचायत -67 तरकुली के लिए प्रधान पद के लिए दो उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट के अनुसार काजल बिष्ट को 106 और सुमित सिंह को 103 वोट मिले। इस तरह तीन वोट से काजल बिष्ट को प्रधान निर्वाचित कर दिया गया। हालांकि हारे हुए प्रत्याशी का आरोप है कि चुनाव परिणाम इसके उलट हुआ है।
ऐसे में काजल चुनाव हार गई हैं। चुनाव अधिकारियों ने काजल बिष्ट को जीता हुआ घोषित किया है। इस बीच विवाद बढ़ा तो काजल ने जीत का प्रमाण पत्र लेने से इनकार कर दिया। अब उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी को ही जीत का प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। इस बीच दूसरी पार्टी ने आरओ और प्रशासन पर गलत तरीके से परिणाम घोषित करने का आरोप लगाया है। जिसके बाद नया विवाद भी शुरू हो गया है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी काजल को जीता हुआ घोषित कर दिया। इसके बावजूद मौके पर आपत्ति का निस्तारण नहीं हुआ। अब ये मामला मीडिया में सुर्खियां बटोर रहा है। स्थानीय लोगों का ये भी कहना है कि काजल और उसके परिवार पर किसी तरह का दबाव डाला गया है।
जिससे वह अपना जीत का प्रमाण पत्र लेने से इनकार कर रहे हैं साथ ही दूसरे पक्ष को जीताने की बात कर रहे हैं। लेकिन जिला प्रशासन ने दोबारा काउंटिंग कराने का आदेश दिया है। जो कि एक माह के अंदर रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के गृह जनपद का मामला होने की वजह से मामला सुर्खियों में आ गया है।












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