Panchayat chunav: जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण को लेकर गरमाई सियासत, पूर्व सीएम हरीश रावत भी उतरे मैदान मे
Panchayat chunav: पंचायत चुनावों के परिणाम को लेकर भाजपा, कांग्रेस पहले से ही एक दूसरे पर हमलावर है। भाजपा चुनावों में अपनी जीत के दावे कर रही है तो कांग्रेस जिला पंचायतों में अपनी सरकार बनाने का दावा कर रही है। इस बीच जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण को लेकर फिर सियासत गरमा गई है।
देहरादून की सीट महिला के लिए रिजर्व करने पर कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने खुलकर इसका विरोध किया है। प्रीतम सिंह ने अपने बेटे की जीत के बाद भाजपा सरकार के इस कदम का पुरजोर तरीके से विरोध किया है। जिसका पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी समर्थन किया है।

आरक्षण को लेकर कांग्रेस एक बार फिर मुखर है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया के जरिए बयान में कहा कि सत्ता और राजनीति, दोनों को समझना चाहिए कि आरक्षण का अधिकार है, हथियार नहीं। कहा कि यदि जिला पंचायत का आरक्षण भी शेष के साथ घोषित कर दिया जाता है तो हो सकता है कई उम्मीदवार चुनाव लड़ने के प्रश्न पर नए सिरे से सोचते।
कहा कि देहरादून में एक व्यक्ति विशेष को रोकने के लिए आरक्षण का टैक्टिकल उपयोग करते हुए भाजपा सरकार को देख रहे हैं। एक व्यक्ति जिसने अपने प्रभाव से देहरादून में भाजपा को पटखनी दी, उसको पटखनी देने के लिए अब आप आरक्षण के पवित्र हथियार का दुरुपयोग कर रहे हैं! भाजपा को यह स्पष्ट समझना चाहिए कि इसका खामियाजा अगले आने वाले चुनावों में भुगतना पड़ेगा। प्रीतम सिंह का व्यक्तित्व और उभरेगा, कांग्रेस को इसका लाभ उत्तराखंड और विशेष तौर पर देहरादून में मिलेगा। समय है अब भी गलती सुधार लो।
शासन ने त्रिस्तरीय पंचायत सामान्य निर्वाचन-2025 के तहत जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण व्यवस्था का प्रथम चक्र जारी कर दिया है। 4 अगस्त तक आपत्तियां मांगी गई है, 5 को सुनवाई और 6 को लिस्ट जारी होगी। हरिद्वार को छोड़ प्रदेश के शेष 12 जिलों में यह व्यवस्था लागू होगी। 12 में से 6 जिलों में अध्यक्ष पद महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है। इनमें देहरादून, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, अल्मोड़ा, बागेश्चर एससी शामिल हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिला एससी वर्ग और उधम सिंह नगर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित रहेगा।












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