उत्तराखंड में अब मोबाइल स्कूल से भी होगी पढ़ाई, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह
जो बच्चा जहां होगा उसे वहीं शिक्षित किया जा सकेगा।
देहरादून, 15 अप्रैल। उत्तराखंड में शिक्षा विभाग एक नया प्रयोग करने जा रहा है। ड्रॉपआउट बच्चों के लिए सरकार मोबाइल स्कूल प्लान पर काम कर रही है। जिससे जो बच्चा जहां होगा उसे वहीं शिक्षित किया जा सकेगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया कि एक सेल गठित कर ऐसे बच्चों को चिह्रिनत कर मोबाइल स्कूल शुरू किए जा सकेंगें।

जिन स्थानों पर बच्चे होंगे, उन स्थानों पर स्कूल शुरू किए जाएंगे
प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को दुरस्त करने के लिए शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत लगातार नए प्रयोग पर काम करने की तैयारी में जुटे हैं। पहले 100 दिन के एजेंंडे पर काम शुरू करते हुए धन सिंह ने अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों के भी पेंच कसने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही गरीब से लेकर हर वर्ग को शिक्षित करने को लेकर नई रणनीति पर फोकस किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट बच्चों की अच्छी खासी तादात रहती है। हर बार
एडमिशन कराने के बाद कई बच्चे स्कूल नहीं आ पाते हैं। जिसका कारण होता है उनके परिजनों का एक जगह से दूसरे जगह जाना। ऐसे बच्चों की समस्या को दूर करने के लिए धन सिंह रावत ने मोबाइल स्कूल चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक सेल गठित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही मोबाइल स्कूल भी शुरू किए जाएंगे। इन बच्चों के लिए जिन स्थानों पर बच्चे होंगे, उन स्थानों पर स्कूल शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा एक हजार स्कूलों में स्मार्ट क्लास बनाने की भी बात की गई है।
छत्तीसगढ़ में यह योजना 'पढ़ई तुंहर पारा' चलाई जा रही
जिस योजना पर उत्तराखंड सरकार अब फोकस करने जा रही है, इससे पहले छत्तीसगढ़ में यह योजना चलाई जा रही है। इसी तरह की योजना छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए 'पढ़ई तुंहर पारा' (पढ़ाई आपके मोहल्ले तक) योजना शुरू की है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस योजना को शुरू करने के पीछे की वजह लॉकडाउन के कारण प्रभावित शिक्षा को निरंतर जारी रखने के लिए हमने ऑनलाइन शिक्षा योजना ''पढ़ई तुंहर दुआर'' शुरू की थी जिसका लाभ 22 लाख बच्चों को मिल रहा है तथा दो लाख शिक्षक-शिक्षिकाएं इस व्यवस्था से जुड़े हैं.'' उन्होंने कहा,'' इस पहल को आगे बढ़ाते हुए अब हम गांवों में समुदाय की सहायता से बच्चों को पढ़ाने के लिए 'पढ़ई तुंहर पारा' योजना शुरू कर रहे हैं. इंटरनेट के अभाव वाले अंचलों के लिए 'ब्लूटूथ' आधारित व्यवस्था 'बूल्टू के बोल' का उपयोग किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की समीक्षा बैठक
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विद्यालयी शिक्षा की समीक्षा बैठक में अपने कई प्लानिंग पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यालयी शिक्षा विभाग में हरियाणा राज्य की तर्ज नई तबादला नीति बनाई जाएगी। इसके लिए शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों को हरियाणा सरकार व केंद्रीय विद्यालयों की स्थानांतरण नीति का अध्ययन करने के निर्देश दिए हैं। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण की नई नीति बनाई जाएगी जो कि पूर्ण रूप से पारदर्शी व सबके लिए सुगम होगी। उन्होंने विभाग में लंबे समय से खाली प्रशासनिक एवं मिनिस्टीरियल संवर्ग में पदोन्नति के पदों को एक माह के भीतर भरने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2022-23 में विद्यालयी शिक्षा के तहत 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत रखने लक्ष्य दिया।












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