Mock Drill in dehradun: ISBT में हवाई हमला और बम! मची अफरातफरी, सुरक्षा एजेंसियों ने ऐसे संभाला मोर्चा
Mock Drill in Dehradun ऑपरेशन सिंदूर के बाद देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियों अलर्ट मोड पर हैं। गृहमंत्रालय के आदेश के बाद कई राज्यों में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल के द्वारा युद्ध के हालात में निपटने के लिए तैयार रहना और बचाव वा सुरक्षा के उपाय भी बताए गए।
देहरादून में भी चार बजे सायरन बजा और तमाम सुरक्षा एजेंसियां व अन्य विभाग के कर्मचारी इधर-उधर भागते नजर आए। उसके बाद स्थानीय लोगों को इस बात की जानकारी भी दी गई कि अगर अचानक से एयर स्ट्राइक होती है तो आपको किस तरह की सावधानियां बरतनी है।

देहरादून में आईएसबीटी समेत पांच जगहों पर मॉक ड्रिल की गई। आईएसबीटी में हवाई हमला और बम की सूचना पर पूरे आईएसबीटी इलाको को छावनी में तब्दील कर दिया गया। ट्रैफिक को करीब आधा घंटे तक डायवर्ट रखा गया। जो व्यक्ति जहां पर था, उसे पुलिस ने वहीं रोक दिया।
इस बीच बम स्क्ववायड की टीम ने पूरे आईएसबीटी का निरीक्षण किया। संदिग्धों से पूछताछ भी की। इसके बाद एसडीआरएफ और सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला और मॉक ड्रिल के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए अवेयर किया। साथ ही एम्बुलेंस और फायर की भी मुस्तैदी को अभ्यास के जरिए चेक किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान वन इंडिया की टीम भी मौके पर मौजूद रही और सारी व्यवस्थाओं का रियलटी चेक भी किया। साथ ही पूरे मॉक ड्रिल को लेकर देहरादून के एसपी सिटी प्रमोद कुमार से बात भी की। जिन्होंने बताया कि लोगों को इस तरह की स्थिति में पेनिक होने की जरूरत नहीं है। बस अवेयर रहना है।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत बुधवार को नागरिकों की सुरक्षा के उद्देश्य से सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। जिसकी निगरानी यूएसडीएमए स्थित राज्य व जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से की गई। सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ व सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद सुमन ने SEOC से मॉक ड्रिल की बारीकी से निगरानी की।
ड्रिल के दौरान सचिव शैलेश बगौली ने जिला आपातकालीन केंद्र में मौजूद डीएम सविन बंसल से घटनाओं की स्थिति, राहत कार्यों की प्रक्रिया, शेल्टर की क्षमता, स्टेजिंग एरिया की व्यवस्थाएं व आईआरएस की सक्रियता पर विस्तार से जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि आईआरएस एक सशक्त व्यवस्था है, जिसके तहत राज्य से लेकर तहसील स्तर तक हर अधिकारी की भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। डीजीपी दीपम सेठ ने फील्ड अधिकारियों से रिजर्व संसाधनों व उपकरणों की उपलब्धता के बारे में जानकारी ली व ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद सुमन ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल में सामने आई ऑब्सर्वशन्स की पहचान कर डीब्रीफिंग के साथ विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। ड्रिल के दौरान SEOC से यह भी सुनिश्चित किया गया कि घटनास्थलों पर आवश्यक संसाधन व सहायता समय पर पहुंचे।












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