LPG गैस सिलेंडर की कमी को लेकर बढ़ी टेंशन, सरकार ने उठाए ये कदम, निगरानी के साथ कार्रवाई की तैयारी
LPG cylinders.shortage पूरे देश में इस समय एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। सिलेंडर की कमी को लेकर सोशल मीडिया में भी लगातार कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। उत्तराखंड में भी इस समय सरकार अलर्ट मोड में है। इस बीच सरकार की ओर से ये भी साफ किया गया है। प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है।
साथ ही सरकार ने अफवाहों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर राज्य में खाद्य एवं रसद व्यवस्था की सतत निगरानी के लिए अधिकारियों की विशेष तैनाती की गई है। वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने खाद्य एवं रसद आपूर्ति की स्थिति पर कड़ी निगरानी रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखण्ड राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र (SEOC), देहरादून में विभिन्न अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की तैनाती तत्काल प्रभाव से अग्रिम आदेशों तक की गई है। राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश के अनुसार इन अधिकारियों और विशेषज्ञों की तैनाती का उद्देश्य प्रदेश में खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
निर्धारित रोस्टर के अनुसार तैनात अधिकारी एवं विशेषज्ञ उत्तराखण्ड राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र में नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे। वे प्रतिदिन खाद्य एवं रसद की स्थिति की समीक्षा करेंगे, आवश्यक सूचनाओं का संकलन एवं विश्लेषण करेंगे तथा आवश्यकता पड़ने पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर्याप्त है और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने अधिकारियों के साथ इस पूरे मसले पर समीक्षा बैठक भी की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए।
मुख्य सचिव ने उन्होंने कहा कि किसी भी असामाजिक तत्व द्वारा अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश की जाती है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और डायवर्जन पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए जिलों में नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) गठित की जाए। यह टीम गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी या अवैध स्टॉकिंग करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेगी।
बैठक में इंडियन ऑयल के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर कृष्ण कुमार गुप्ता और स्वर्ण सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गैस आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है।
अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों पर नियंत्रण रखना आवश्यक है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को की जाएगी। फिलहाल होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को व्यवसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सीमित रखी जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व गैस सिलेंडरों की कमी को लेकर अफवाह फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर तुरंत रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।












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