उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए संगठन और नेता प्रतिपक्ष के लिए लंबा इंतजार, 3 पदों पर होगा एक साथ नामों का ऐलान
उत्तराखंड में कांग्रेस को करना है प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष का चयन
देहरादून, 4 अप्रैल। उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए संगठन और नेता प्रतिपक्ष के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। पार्टी समीकरणों को साधने के बाद ही इन पदों पर नामों का ऐलान कर सकती है। हाईकमान को तीन पदों पर तीन चेहरों की तलाश है। इसमें सबसे अहम प्रदेश अध्यक्ष दूसरे नंबर पर नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष का चयन करना है। सभी समीकरणों को साधने के लिए पार्टी उप नेता प्रतिपक्ष का चयन जरुरी करेगी। जिससे सभी समीकरणों को संतुलित किया जा सके।

कांग्रेस के लिए संगठन को फिर से खड़ा करना सबसे बड़ी चुनौती
प्रदेश में कांग्रेस के लिए संगठन को फिर से खड़ा करना सबसे बड़ी चुनौती है। गणेश गोदियाल के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को नए मुखिया की तलाश है। जिसके लिए कई नाम चर्चाओं में है। हाईकमान के सामने सबसे बड़ी समस्या प्रदेश कांग्रेस के अंदर की खेमेबाजी को खत्म करना है। पूर्व सीएम हरीश रावत और प्रीतम सिंह खेमा इस समय पूरी तरह से एक्टिव है। जिससे पार्टी को चुनाव में भी खेमेबाजी का नुकसान झेलना पड़ा। पार्टी के सामने इन दोनों खेमों को खत्म कर नए चेहरे को कुर्सी सौंपने की है। इसके साथ ही भाजपा से कांग्रेस में वापसी कर चुके यशपाल आर्य और हरक सिंह रावत के भविष्य को लेकर भी कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। दोनों ही हरक सिंह संगठन और यशपाल आर्य विधानसभा के अंदर अपनी भूमिका को लेकर लॉबिंग में लगे हैं। हालांकि कांग्रेसी कार्यकर्ता हाल ही में भाजपा से वापस आए इन नेताओं को अहम जिम्मेदारी देने को पचा पाएगा या नहीं ये कहना जल्दबाजी होगी। ऐसे में कांग्रेस के लिए नए चेहरों पर दांव खेलना ही सबसे पहला विकल्प लग रहा है। जिसमें कुछ जीते हुए विधायक अपना दावा ठोक रहे हैं। इसमें सीएम को हराने वाले भुवन कापड़ी प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे हैं। इसके साथ ही प्रकाश जोशी का नाम भी रेस में है। नेता प्रतिपक्ष के गढ़वाल से चयन होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष कुमाऊं से तय माना जा रहा है। हालांकि संगठन में पदों पर बैठे पदाधिकारी एक बार फिर गणेश गोदियाल को ही फिर से जिम्मेदारी सौंपने की मांग कर रहे हैं। जिसका विकल्प कम ही माना जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष के साथ एक उप नेता प्रतिपक्ष भी बनना तय
एक सत्र बिना नेता प्रतिपक्ष के होने के बाद अब कांग्रेस के लिए नए नेता प्रतिपक्ष का चयन करने की कोई जल्दबाजी नजर नहीं आ रही है। सरकार का पहला बजट सत्र अब जून या जुलाई में गैरसेंण में आयोजित होगा। तब तक नेता प्रतिपक्ष का चयन संभव है। नेता प्रतिपक्ष के लिए प्रीतम सिंह ही पहली पसंद मानी जा रही है। प्रीतम सिंह खेमे का दावा है कि प्रीतम सिंह का नाम तय है। इसकी घोषणा होना बाकि है। इसके साथ ही राजेन्द्र भंडारी और हरीश धामी भी दावेदारी कर चुके हैंं। हाईकमान सभी समीकरणों को साधने के लिए एक नेता प्रतिपक्ष के साथ एक उप नेता प्रतिपक्ष का चयन कर सकती है। इसमें भी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र दोनों के समीकरण संतुलित करने के लिए हाईकमान होमवर्क करने के बाद ही नामों का ऐलान करेगा। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष से लेकर नेता प्रतिपक्ष सभी पदों पर एक साथ ही ऐलान किया जाएगा।












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