अंकिता भंडारी केस को लेकर गरमाया माहौल, कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप, भाजपा ने ऐसे दिया जबाव
लोकसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अंकिता भंडारी केस एक बार फिर से गरमा गया है। बीते कुछ दिनों से अंकिता को न्याय दिलाने के लिए अंकिता के माता पिता धरना दे रहे हैं। जिसे अब कांग्रेस ने समर्थन दिया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने पहले धरना स्थल पर जाकर समर्थन दिया। इसके बाद मशाल जुलूस में भी शामिल हुए।

अंकिता भंडारी केस को लेकर कांग्रेस एक बार फिर मुखर हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का कहना है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी के नाम का खुलासा करने में पुलिस अभी तक नाकाम रही है, उल्टे पुलिस द्वारा मामले की लीपापोती कर जांच को उलझाने और भाजपा नेताओं को बचाने का काम किया गया।
करन माहरा ने आरोप लगाया कि अंकिता के न्याय की आवाज को उठाने वाले पत्रकार आशुतोष नेगी की गिरफतारी पर पुलिस के आला अधिकारी का बयान अचंभित करने वाला है। उनका बयान से ऐसा प्रतीत होता है जैसे कोई भाजपा के प्रवक्ता बोल रहा हो। उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय मिलने तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इस बीच अंकिता केस को लेकर सियासत भी तेज हो गई है।
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि एक दलित युवक की शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी से कांग्रेस ने जो विरोध का रूप दिखाया है उससे उसका दलित विरोधी चेहरा सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए मामले को अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने की कोशिश भी कर रही है जो कि दुखद और निंदनीय है।
चौहान ने कहा कि प्रकरण की पृष्ठभूमि मे आशुतोष नेगी को राजेश कोली (राजा कोली) की लिखित शिकायत पर SC-ST एक्ट के तहत पुलिस द्बारा कार्यवाही करते हुए गिरप्तार किया गया है। इस मामले का अंकिता हत्त्याकांड से कोई ताल्लुक नही है। लेकिन कांग्रेस दलित विरोधी है और न्यायोचित कार्यवाही पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस केवल दलितों को बोट बैंक समझती है और जब दलितों पर अत्याचार होते है तो उस पर कांग्रेस का हमेशा दोहरा चरित्र देखने को मिलता है।












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