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Kedarnath Temple in 2023 :6 माह बाद भव्य स्वरूप में होंगे दर्शन, स्वर्णमंडित गर्भगृह कर देगा मंत्रमुग्ध

केदारनाथ मंदिर का गर्भगृह 550 सोने की परतों से स्वर्णमंडित

Kedarnath Temple in 2023 केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज पर गुरूवार को बंद कर दिए गए हैं। अब 6 माह शीतकालीन गद्दी में बाबा केदार के दर्शन होंगे। अब केदारनाथ में अगले सीजन में ही 2023 में दर्शन होंगे। लेकिन अगले सीजन में बाबा केदार के दर्शन और भव्य तरीके से होंगे। केदारनाथ मंदिर का गर्भगृह स्वर्णमंडित हो गया है। 550 सोने की परतों से गर्भगृह की दीवारें और छत नए भव्य स्‍वरूप में दिख रही हैं। इसकी दीवारों और छतों को 19 कारीगरों ने तीन दिन में सोने की 550 परत से सजाकर भव्य स्वरूप दिया है।

Kedarnath Temple 2023 After 6 months darshan grand form golden sanctum mesmerize pilgrim

महाराष्ट्र के एक दानी के सहयोग से बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने यह कार्य किया है। एएसआई के अधिकारियों की देखरेख में यह कार्य किया गयाए जो बुधवार को पूरा हो गया। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह को स्वर्णमंडित करने के लिए पहले चांदी हटाई गई। मंदिर समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में चांदी को हटाने के बाद मंदिर के भंडार गृह में सुरक्षित रख दिया गया। उसके बाद चांदी के स्थान पर तांबा लगाया गया। गर्भगृह की दीवारों पर तांबा चढ़ाने के बाद नाप लिया गया और फिर से इस तांबे को निकालकर वापस महाराष्ट्र ले जाया गया।

Kedarnath Temple 2023 After 6 months darshan grand form golden sanctum mesmerize pilgrim

जहां तांबे की परत की नाप पर सोने की परत तैयार की गई। सोने की ये परतें मंदिर के गर्भगृह, चारों खंभों और स्वयंभू शिवलिंग के आसपास की जलहरी में भी लगाई गई है। इस कार्य में 19 मजदूर लगे हुए थेण् गौरीकुंड से घोड़ा-खच्चरों से सोने की ये 550 परतें केदारनाथ पहुंचाई गईं। चारों धाम में केदारनाथ धाम में ही यात्रियों को गर्भ गृह के दर्शन करने की अनु​मति होती है। जबकि बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में श्रद्धालु बाहर से ही दर्शन करते हैं। मन्दिर को तीन भागों में बांटा जा सकता है गर्भ गृह , मध्यभाग और सभा मण्डप। गर्भ गृह के मध्य में भगवान श्री केदारेश्वर जी का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग स्थित है जिसके अग्र भाग पर गणेश जी की आकृति और साथ ही मां पार्वती का श्री यंत्र विद्यमान है।

Kedarnath Temple 2023 After 6 months darshan grand form golden sanctum mesmerize pilgrim

ज्योतिर्लिंग पर प्राकृतिक यगयोपवित और ज्योतिर्लिंग के पृष्ठ भाग पर प्राकृतिक स्फटिक माला को आसानी से देखा जा सकता है। श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग में नव लिंगाकार विग्रह विधमान है इस कारण इस ज्योतिर्लिंग को नव लिंग केदार भी कहा जाता है। श्री केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग के चारों ओर विशालकाय चार स्तंभ विद्यमान है जिनको चारों वेदों का धोतक माना जाता है, जिन पर विशालकाय कमलनुमा मन्दिर की छत टिकी हुई है।

Kedarnath Temple 2023 After 6 months darshan grand form golden sanctum mesmerize pilgrim

ज्योतिर्लिंग के पश्चिमी ओर एक अखंड दीपक है जो कई हजारों सालों से निरंतर जलता रहता है जिसकी हेर देख और निरन्तर जलते रहने की जिम्मेदारी पूर्व काल से तीर्थ पुरोहितों की है। गर्भ गृह में स्थित चारों विशालकाय खंभों के पीछे से स्वयंभू ज्योतिर्लिंग भगवान श्री केदारेश्वर जी की परिक्रमा की जाती है । केदारनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों का कहना है यहां स्वयम्भू शिवलिंग है। ​शिवलिंग को जल, दूध, दही आदि द्रव्य पदार्थ चढ़ते हैं। जिस वजह से यहां पर यात्रियों को गर्भ गृह में जाने दिया जाता है। दूसरे मंदिरों में मूर्ति रूप में होने की वजह से गर्भ गृह तक जाने पर प्रतिबंध होता है। ऐसे में केदारनाथ धाम में ही यात्रियों को गर्भ गृह जाने की परमिशन है।

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