Kedarnath Rescue सेना ने संभाला मोर्चा, चिनूक और एमआई से यात्रियों को एयरलिफ्ट और पुल बनाने का काम शुरू
Kedarnath Rescue update: केदारघाटी में आई आपदा के पांचवें दिन आज चिनूक और एमआई से यात्रियों को एयरलिफ्ट करने का काम शुरू हो गया है। आज सुबह 133 से लोग अब तक एयरलिफ्ट किए गए हैं।
केदारघाटी में रेस्क्यू अभियान सोमवार को भी जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं रेस्क्यू एवं सर्च अभियान के पल-पल की जानकारी ले रहे हैं।

सोमवार को केदार घाटी का मौसम साफ होने के साथ ही एमआई 17 और चिनूक से एयर लिफ्ट रेस्क्यू शुरू हो गया है। एमआई चारधाम हेलीपैड पर यात्रियों को उतार रहा है जबकि चिनूक गौचर हवाई पट्टी पर यात्रियों को उतरेगा। सुबह 09 बजे तक 133 लोगों को केदारनाथ से एमआई एव चिनूक एव छोटे हेलीकॉप्टर की मदद से सुरक्षित एयर लिफ्ट कर रेस्क्यू किए जा चुके हैं।
लिनचोली से रामबाड़ा क्षेत्र तक सर्च अभियान पूरा
रविवार देर शाम तक स्निफर डॉग की मदद से सर्च अभियान जारी रहा। वर्तमान में लिनचोली से रामबाड़ा क्षेत्र तक सर्च अभियान पूरा किया जा चुका है जिसमें अब तक किसी व्यक्ति के मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं सोमवार सुबह 100 लोगों को सुरक्षा बलों की देखरेख में श्री केदारनाथ धाम से लिनचोली हेलीपैड के लिए रवाना कर दिया गया है।
9099 लोगों को सकुशल निकाला गया
इन यात्रियों को लिनचोली से एयर लिफ्ट कर शेरसी हैलीपैड पर उतारा जाएगा। इसके अलावा एनडीआरएफ की टीमें जंगल एव मंदाकिनी नदी के आसपास भी लगातार सर्च अभियान चला रहे हैं। आपदा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 1982 लोगों को अब तक एयरलिफ्ट किया गया है। एक से तीन अगस्त तक कुल 9099 लोगों को सकुशल निकाला गया है। रविवार 4 अगस्त को लगभग 400 लोगों को केदारनाथ से लिंचौली तक पैदल लाकर लिंचौली से इनको हैलीकॉप्टर के माध्यम से चारधाम हैलीपेड, सिरसी हैलीपेड आदि स्थानों पर लाया गया है।
05 हैलीकॉप्टर लगाए गए
वर्तमान में रेस्क्यू कार्य हेतु 05 हैलीकॉप्टर लगाए गए हैं। गौरीकुण्ड से सभी को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। लिंचौली में लगभग 50 यात्री रूके है। केदारनाथ धाम में लगभग 350 यात्री रूके हुए हैं। केदारनाथ धाम में लगभग 350 लोगों के अलावा तीर्थ पुरोहित, स्थानीय दुकानदार, स्थानीय निवासी, पालकी डोली संचालक, घोड़े खच्चर संचालक आदि भी है।
सेना की भी मदद ली जा रही
केदारघाटी में जारी रेस्क्यू कार्यों में तेजी लाने के लिए अब सेना की भी मदद ली जा रही है। जनपद में तैनात 6 ग्रेनेडियर यूनिट रास्तों को पुनर्स्थापित करने और बेली ब्रिज बनाने के अलावा सर्च ऑपरेशन में भी मदद करेगी। प्राथमिकता के आधार पर सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच वाश आउट हुए मार्ग पर ब्रिज बनाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यात्रा मार्ग को सुव्यवस्थित करने में एक माह तक का समय लग सकता है












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