केदारनाथ उपचुनाव में पिछले चुनावों से कम हुआ मतदान,भाजपा-कांग्रेस की बढ़ी धड़कनें, जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
kedarnath by-election: उत्तराखंड की केदारनाथ विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शाम छह बजे तक 57.64 प्रतिशत मतदान हुआ है। जो कि पिछले चुनावों की तुलना में काफी कम बताया जा रहा है। हालांकि भाजपा,कांग्रेस मतदान को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं और अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं।
लेकिन कम मतदान किसके पक्ष में रहेगा। इसको लेकर अभी से गुणा भाग और समीकरणों पर माथापच्ची शुरू हो गई है। अंदरखाने भाजपा,कांग्रेस सभी की धड़कनें तेज हो गई है। 23 नवंबर को मतगणना होगा। केदारनाथ से 6 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है।

मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस में ही बताया जा रहा है। मतदान कम होने से जीत हार का अंतर भी कम माना जा रहा है। महिलाओं का मतदान में अधिक बढ़ चढ़कर भाग लेने को भी सियासी दल अपने लिए फायदेमंद बता रहे हैं। महिलाओं के मतप्रतिशत को बढ़ने पर भाजपा ज्यादा उत्साहित है। भाजपा का मानना है कि महिला प्रत्याशी और मोदी को महिलाओं का मिल रहा अब तक का समर्थन इस बात के लिए काफी संकेत दे रहा है कि केदारनाथ में भाजपा की जीत तय है।
प्रदेश में 2022 के आम विधानसभा चुनाव के मुकाबले उपचुनाव में कम मतदान हुआ है। इस बार 57.64 फीसदी मत पड़े, जबकि 2022 के विस चुनाव में 66.43 प्रतिशत मतदान हुआ था। इससे पहले 2017 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर 65.77 प्रतिशत मतदान हुआ था।
पहले विधानसभा चुनाव 2002 में ही इससे कम मतदान हुआ था। इस बार कुल 90,875 मतदाता थे, जिनमें से 45,956 महिला मतदाता और 44,919 पुरुष मतदाता शामिल हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार उपचुनाव में पिछले चुनाव से 3 हजार अधिक महिला मतदाताओं ने मतदान किया है। जिसको भाजपा, कांग्रेस अपने अपने पक्ष में बता रही है। भाजपा से आशा नौटियाल और कांग्रेस से मनोज रावत में ही सीधी टक्कर मानी जा रही है। अब तक हुए 5 चुनावों में भाजपा 3 और कांग्रेस 2 बार चुनाव में जीत दर्ज कर चुकी है।












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