केदारनाथ उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस की उम्मीदवारों की फाइल दिल्ली में अटकी,जानिए कहां फंसा है मामला
Kedarnath by-election: केदारनाथ उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही उम्मीदवार के नाम तय नहीं कर पाई है। दोनों दलों के हाईकमान की और से अब तक किसी भी नाम पर मुहर नहीं लग पाई है। भाजपा के राज्य पार्लियामेंट्री बोर्ड से 6 नाम हाईकमान को भेजे गए हैं। जबकि कांग्रेस ने आज दिल्ली में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में बैठक कर एक दर्जन नामों पर चर्चा की।
सभी ने एकमत होकर पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर पैनल तैयार करने की बात कही, जल्द ही यह पैनल स्क्रीनिंग कमेटी को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद स्क्रीनिंग कमेटी और हाईकमान के स्तर पर भावी प्रत्याशी का नाम घोषित किया जाएगा।

बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा, सीडब्ल्यूसी मेंबर गुरदीप सिंह सप्पल, प्रदेश सहप्रभारी प्रगट सिंह, पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य तथा पर्यवेक्षकों के रूप में पूर्व अध्यक्ष गणेश गोदियाल, उपनेता प्रतिपक्ष भवन कापड़ी, विधायक वीरेंद्र जाति और लखपत बुटोला उपस्थित थे।
इस दौरान केदारनाथ विधानसभा में नियुक्त किए गए चारों पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिस पर गहन विचार विमर्श किया गया। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने भी अपने विचार और सुझाव साझा किए।
इस बीच भाजपा ने केदारनाथ में पार्टी उम्मीदवार को लेकर लग रहे कयासों पर स्पष्ट किया कि वहां कमल खिलना सौ फीसदी निश्चित है, चाहे प्रत्याशी कोई भी हो। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा, समय पर नाम सामने आए जायेगा, चर्चा विमर्श तो सिर्फ सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले नाम पर हो रही है। यह चुनाव विकास एवं विरासत के सकारात्मक मुद्दे का झूठ, फरेब, सनातन विरोध के नकारात्मक एजेंडे पर जीत का होगा।
उन्होंने बताया, केंद्रीय नेतृत्व के पास केदारनाथ उपचुनाव प्रत्याशियों को लेकर सभी संभावित नामों का पैनल है। यह सभी वे नाम है जिनमें से प्रत्येक इस सीट पर अच्छे अंतर से जीत दर्ज कर सकता है। लेकिन हमारा असल लक्ष्य रिकॉर्ड मतों से जनता का विश्वास हासिल करना है। यही वजह है कि सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार विमर्श के बाद शीघ्र पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के नाम की घोषणा की जाएगी।












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