Kedarnath by-election: केदारनाथ को लेकर गरमाई सियासत की ये है सबसे बड़ी वजह, इन चेहरों पर खेला जा सकता है दांव

उत्तराखंड की सियासत में इन दिनों केदारनाथ सबसे ज्यादा चर्चा में है। पहले दिल्ली में बन रहे केदारनाथ मंदिर को लेकर विवाद और उसके बाद केदारनाथ में सोना चोरी को लेकर हुई बयानबाजी से माहौल गरमा दिया है।

अब कांग्रेस ने केदारनाथ प्रतिष्ठा रक्षा यात्रा शुरू कर दी है। जो कि हरिद्वार से शुरू होकर केदारनाथ तक चलेगी। जिसके बाद एक बार फिर सियासी पारा चढ़ गया है।

Kedarnath by-election biggest reason heated politics bets can played on these faces

माना जा रहा है ​कि इसके पीछे की वजह अगले 6 माह के बीच होने वाला केदारनाथ उपचुनाव भी है। जो कि सितंबर से अक्टूबर के बीच हो सकता है। कांग्रेस अभी से केदारनाथ सीट पर माहौल बनाने की कोशिश में है। केदारनाथ सीट पर वर्तमान में भाजपा का कब्जा था। दिवंगत विधायक शैलारानी रावत के निधन के बाद इस सीट पर भी चुनाव होना है।

बदरीनाथ व मंगलौर सीट जीतने के बाद अब कांग्रेस का पूरा फोकस केदारनाथ पर है। जहां कांग्रेस भाजपा पर अभी से सियासी दवाब बनाने की कोशिश में है। जहां तक दावेदारी की बात है तो केदारनाथ से कौन चुनाव लड़ेगा इसको लेकर अंदरखाने अभी से चर्चा शुरू हो गई है। पहले बात कांग्रेस की।

कांग्रेस से इस सीट पर पूर्व विधायक मनोज रावत प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से मनोज रावत क्षेत्र में एक्टिव कम है। जिससे कांग्रेस किसी दूसरे चेहरे पर दांव खेल सकती है। इसमें सबसे बड़ा नाम हरक सिंह रावत का लिया जा रहा है।

हरक सिंह रावत का सियासी सफर देखें तो हरक ने जहां से चुनाव लड़ा हमेशा अपने सामने वाले विरोधियों पर भारी पड़े। हरक सिंह रुद्रप्रयाग के विधायक भी रह चुके हैं। इसके अलावा कांग्रेस के अंदर हरीश रावत और गणेश गोदियाल को भी चुनाव लड़ाने की मांग उठ रही है। हालांकि इन दिग्गज नेताओं का चुनाव लड़ने की कम ही उम्मीद मानी जा रही है।

अब बात भाजपा की। भाजपा से महिला मोर्चा की अध्यक्ष आशा नौटियाल का नाम सबसे पहले लिया जा रहा है। जो कि पहले भी केदारनाथ की विधायक रह चुकी हैं। इसके अलावा केदारनाथ पुर्ननिर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले कर्नल अजय कोठियाल और बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजेय का नाम भी लिया जा रहा है।

केदारनाथ से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके कुलदीप रावत भी इस दौड़ में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। इसके साथ ही दिवंगत विधायक शैलारानी रावत की बेटी एश्वर्या रावत को भी चुनाव लड़ाने और सहानूभूति वोट बटोरने की बात भी सामने आ रही है। लेकिन ये बात साफ है कि केदारनाथ उपचुनाव को भाजपा कतई हल्के में लेने के मूड में नजर नहीं आ रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+