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KEDARNATH पहुंची बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली, कल सुबह खुलेंगे कपाट, दर्शन व्यवस्था में क्या हुए बदलाव

KEDARNATH बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली आज अपने धाम पहुंच गई। डोली को नव निर्मित भंडारगृह में रखा गया है। कल दो मई को सुबह 7 बजे बाबा के कपाट खोल दिए जाएंगे। दो मई को कपाटोद्घाटन के लिए केदारनाथ मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है।

बुधवार से मंदिर को सजाने का काम चल रहा था। इसके अलावा आदिगुरु शंकराचार्य समाधिस्थल, ईशानेश्वर महादेव मंदिर, दिव्य शिला और अन्य स्थलों को भी फूल-मलाओं से सजाया जा रहा है। मौसम की बात करें तो शाम को बारिश और ठंड भी देखने को मिल रही है। हालांकि सुबह और दिन में मौसम साफ है।

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बुधवार को बाबा केदार की डोली फाटा से प्रस्थान करते हुए अंतिम पड़ाव गौरीकुंड स्थित गौरी माई मंदिर पहुंची। गुरूवार को गोरीकुंड से चलकर बाबा की डोली अपने धाम पहुंची। इस दौरान बम बम भोले और भोले के जयकारे से पूरा केदारनाथ धाम गूंज उठा। बाबा के डोली के साथ सैकडों भक्तों ने पैदल यात्रा की। कल कपाट खुलते ही हेलीकॉप्टर से यात्रा भी शुरू हो जाएगी। उधर प्रशासन ने दर्शन की व्यवस्था इस बार बदल दी है, जिससे दर्शन के लिए भक्तों को लंबी लाइन नहीं लगानी पड़ेगी।

प्रशासन ने टोकन व्यवस्था शुरू की है जिससे अब एक घंटे में दर्शन हो सकेंगे। प्रशासन, पुलिस और पर्यटन विभाग ने भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत प्रति घंटे 1400 श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन कराए जाएंगे। पैदल मार्ग को साफ़ रखने के लिए हर 50 मीटर पर पर्यावरण मित्र तैनात रहेंगे। संगम ब्रिज के पास टोकन काउंटर लगाए जा रहे हैं।

पहले जहां दर्शन में तीन से चार घंटे लगते थे, वहीं अब एक घंटे में दर्शन सुनिश्चित किए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए डाइवर्जन प्लान तैयार किया है। वीआईपी दर्शन पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही जिस तरह से पिछली बार वीआईपी दर्शन के लिए शुल्क वसूला जाता था, वह इस बार व्यवस्था खत्म कर दी गई है।

केदारनाथ धाम जाने के लिए तीर्थयात्रियों को गौरीकुंड से करीब 18 किमी लंबा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है। इस कारण बड़ी संख्या में यात्री घोड़े-खच्चरों की सेवा लेते हैं। इस बार केदारनाथ धाम के लिए अब तक 2493 संचालकों ने पांच हजार से अधिक घोड़े खच्चरों का पंजीकरण करवाया गया है। केदारनाथ के लिए सोनप्रयाग, गौरीकुंड, भीमबली, लिचौंली और रुद्र प्वाइंट में पांच प्रीपेड बुकिंग काउंटर बनाए गए हैं।

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