Joshimath sinking: इस तरह होगा पुनर्वास, मास्टर प्लान होगा तैयार, जोशीमठ भू धंसाव से जुड़े आज के बड़े फैसले

मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में जोशीमठ भू-धंसाव प्रकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्रत्येक दिन रोजाना 12 बजे मुख्य सचिव जोशीमठ के संदर्भ में समीक्षा बैठक करेंगे।

Joshimath sinking rehabilitation master plan decisions landslide sdrf Chief Secretary Sandhu meeting

जोशीमठ भू-धंसाव के प्रभावितों का आपदा अधिनियम की धारा-33 एवं 34 के तहत पुनर्वास किया जाएगा साथ ही अत्यधिक रूप से क्षतिग्रस्त दो होटलों मलारी इन एवं माउंट व्यू का मैकेनिकल तरीके से ध्वस्तीकरण किया जाएगा। प्रदेश सरकार ने आवास एवं शहरी विकास विभाग को जोशीमठ का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस संधु की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में जोशीमठ भू-धंसाव प्रकरण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

ऊर्जा निगम के साथ ही पिटकुल की टीमों को भी भेजा जा रहा

जोशीमठ को बचाने और लोगों के पुर्नवास को लेकर धामी सरकार अब तेजी से कदम उठा रही है। मुख्य सचिव और आलाधिकारियों ने इसके लिए पूरी प्लानिंग पर काम करना शुरू कर दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव रंजीत सिन्हा ने बताया कि आपदा अधिनियम की धारा-33 एवं 34 के तहत लोगों का पुनर्वास किया जाएगा साथ ही अत्यधिक रूप से क्षतिग्रस्त दो होटलों मलारी इन एवं माउंट व्यू का मैकेनिकल तरीके से ध्वस्तीकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया गया कि आवास एवं शहरी विकास विभाग को जोशीमठ का मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। toe-erosion रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा के कार्य शुरू किए जाएंगे। जोशीमठ नगर में पड़ी दरारों के मद्देनजर ऊर्जा निगम के साथ ही पिटकुल की टीमों को भी वहां भेजा जा रहा है। आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि राहत कार्यों के संचालन के लिए शासन स्तर पर अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की जाएगी। इसी तरह से जनपद स्तर पर आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित की जाएगी। जोशीमठ के ड्रेनेज प्लान का जो टेंडर पूर्व में 20 जनवरी को खोला जाना था, उसे मौजूदा हालातों को देखते हुए अब 13 जनवरी को खोला जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक दिन रोजाना 12 बजे मुख्य सचिव जोशीमठ के संदर्भ में समीक्षा बैठक करेंगे।

603 भवनों में दरारें, एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल दिया

बता दें कि जोशीमठ में भू धंसाव की समस्या विकराल होती जा रही है। अब तक 603 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। डेंजर जोन में चिन्हित भवनों को सील कर दिया गया है। इसी के साथ आज एसडीआरएफ ने मोर्चा संभाल दिया है।एसडीआरएफ ने सुई गांव में घर खाली कराने का अभियान शुरू किया। सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारी हिमांशु खुराना को दो दिन में नगर के भवनों और उसमें रहने वाले लोगों के बारे में आंकड़े जुटाने के निर्देश दिए हैं। वहीं जलशक्ति मंत्रालय की हाईपावर कमेटी जोशीमठ पहुंच गई है। जोशीमठ से अध्ययन करके लौटी विशेषज्ञ समिति ने शासन से उन भवनों को जल्द से जल्द गिराने की सिफारिश की है, जिनमें बहुत अधिक दरारें आ चुकी हैं। हालांकि सरकार हर कदम सोच समझकर उठा रही है। लेकिन ये बात भी स्वीकार की जा रही है कि एक एक पल अहम हो गया है। किसी भी तरह की आपदा से पहले जोशीमठ को खाली कराये जाने को लेकर सरकार गंभीरता से निर्णय ले रही है।

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    तीन जोन में बांटकर डेटा जुटाया जा रहा

    जोशीमठ को तीन जोन में बांटकर डेटा जुटाया जा रहा है। जिसमें पहला जोन डेंजर जोन है, जिसमें ऐसे भवन जो बहुत ज्यादा जर्जर हैं और पूरी तरह से असुरक्षित हैं। दूसरा जोन बफर, ​जहां ऐसे भवन जिनमें हल्की दरारें हैं लेकिन उनके बढ़ने का खतरा है। जबकि तीसरा सेफ ऐसे भवन जहां कोई दरार नहीं आई है और रहने के लिए सुरक्षित हैं। इसी के आधार पर राज्य सरकार प्लानिंग करने में जुटी है। सीएम, मुख्य सचिव और पीएमओ इस संवेदनशील मुद्दे की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

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