Joshimath: दो होटलों को तोड़ा जाएगा, बाजार के हिसाब से मिलेगा मुआवजा, जानें सरकार ने और क्या कहा?

जोशीमठ में बढ़ते खतरे को देखते हुए राज्य सरकार की तरफ से 2 होटलों को तोड़ा जाएगा। वहीं, जिन होटलों को तोड़ा जाएगा, उन्हें बाजार के हिसाब से मुआवजा दिया जाएगा।

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Joshimath: जोशीमठ की जमीन धीरे-धीरे डूबने की समस्या से जूझ रही है। जिसे देखते हुए कई स्ट्रक्चर को तोड़ा जाएगा। क्योंकि यहां पर रहने वाले लोगों के लिए खतरा बढ़ गया है। वहीं, जिन लोगों के घरों या होटल्स को तोड़ा जाएगा, उन्हें बाजार के मूल्य पर मुआवजा दिया जाएगा। इस बात की जानकारी बुधवार को राज्य सरकार ने दी।

सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि जिन प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने की आवश्यकता होगी, उनके मालिकों को बाजार की कीमत पर मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि, अभी तक केवल दो होटलों-मलारी इन और माउंट व्यू होटल - को गिराए जाने का आदेश दिया गया है। वहीं, अन्य घरों या होटल्स को धवस्त करने का सर्वे सरकार एक सप्ताह के भीतर पूरा कर लेगी। आपको बता दें कि 6,107 फीट की ऊंचाई पर बसे शहर जोशीमठ के आवासों में दिसंबर में दरारें आने लगीं थी और धीरे-धीरे यह समस्या बढ़ गई।

इससे होटल मालिकों के विरोध के कारण मंगलवार को दो होटलों का विध्वंस रोक दिया गया था। क्योंकि होटल मालिकों ने आरोप लगाया था कि उन्हें प्रशासन द्वारा सूचित नहीं किया गया था। वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए जोशीमठ सबसिडेंस में क्षतिग्रस्त हुए प्रतिष्ठानों के निवासियों और मालिकों के साथ बैठक भी की थी।

उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ आपदा के मद्देनजर अपने घरों से बाहर स्थानांतरित किए गए प्रभावित परिवारों को 1.5 लाख रुपए की अंतरिम राहत देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के सचिव आर सुंदरम ने बताया कि बैठक में प्रस्तावित विध्वंस के लिए स्थानीय लोगों का सहयोग मांगा गया है। एनटीपीसी हाइडल प्रोजेक्ट रडार पर आ गया है। क्योकि इसकी संरचनाओं पर दरारें दिखाई दे रही हैं।

आर सुंदरम ने कहा कि सड़कें केवल लोगों के लिए बनाई जा रही हैं। ऐसे में निर्माण कार्य जो यहां चीजों को प्रभावित करते हैं उन्हें रोकने की जरूरत है लेकिन अन्य परियोजनाओं को रोकना सही नहीं है। क्योंकि जोशीमठ के धसाव से इनका कोई लेना देना नहीं है। बैठक के बाद सुंदरम ने कहा कि उत्तर काशी में जो मुआवजा दिया गया है, उसके हिसाब से ही अन्य लोगों को भी मुआवजा दिया जाएगा। क्योंकि बद्रीनाथ जैसा मुआवजा यहां देना संभव नहीं है।

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    सुंदरम ने कहा कि होटल मालिकों को भी यह भ्रम था कि उन्हें विध्वंस करने का खर्च वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि मलारी इन और माउंट व्यू होटल को गिरा दिया जाएगा क्योंकि वे अब आसपास के ढांचे के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं। वहीं, इसके साथ 15-20 अन्य संरचनाओं को भी गिराया जाएगा। सुंदरम ने कहा कि लोगों से कहा गया है कि अगर उन्हें डर है कि उनका ढांचा गिर जाएगा तो वे खुद ही आवेदन दें। हमारी सर्वे टीम सभी घरों का सर्वे कर रही है ताकि हमारे पास हर घर का माप हो। हम उन परिवारों को 1.5 लाख रुपये दे रहे हैं जिन्हें उनके आवास से बाहर कर दिया गया है ताकि वे किसी भी आरामदायक क्षेत्र में स्थानांतरित हो सकें।

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