Jagannath temple in Uttarkashi: सोशल मीडिया के जरिए नेता और अभिनेताओं की पहल, अब राज्य सरकार करेगी कायाकल्प
Jagannath temple in Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी के साल्ड गांव में भी करीब 12वीं सदी का जगन्नाथ मंदिर है। जो कि बीते दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
Jagannath temple in Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी के साल्ड गांव में भी करीब 12वीं सदी का जगन्नाथ मंदिर है। जो कि बीते दिनों से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। ओडिशा के अभिनेता सब्यसाची और अर्चिता ने मंदिर में दर्शन करने के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर ट्वीट किया। जिसके बाद से हर कोई इस मंदिर में पहुंचने के बारे में जानकारी ले रहा है।

इस ट्वीट पर जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की नजर पड़ी तो उन्होंने इसको लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की। केंद्रीय मंत्री से जानकारी मिलने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मंदिर के संरक्षण से लेकर जरुरी कदम उठाने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी सीएम धामी से मंदिर के संरक्षण को लेकर बातचीत की है। इसके बाद सीएम धामी को ओडिशा आमंत्रित किया है।
इस बातचीत के बाद सीएम धामी ने ट्वीट कर कहा है कि
देवभूमि उत्तराखण्ड एवं ओडिशा दोनों ही राज्य धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध हैं। केंद्रीय मंत्री जी, मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश में चारों धामों के साथ ही भगवान जगन्नाथ जी का यह धाम पूरे देश में धार्मिक पर्यटन को नए आयाम देते हुए उत्तराखण्ड एवं ओडिशा के आध्यात्मिक संबंधों को और भी अधिक मजबूती प्रदान करेगा।
I feel Blessed to share the mesmerising 1st visuals of this hidden #Jagannath Temple at #sald village of #Uttarkashi #Uttarakhand. It's simply heaven 🙏🏻 Now it's Time we will make it a destination for every Jagannath Lover travelling to DebBhumi Uttarakhand #JayJagannath pic.twitter.com/901ETgZkBW
— SABYASACHI MISHRA 🇮🇳 (@sabyaactor) July 7, 2023
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट किया कि उत्तरकाशी के मनोरम पहाड़ों में महाप्रभु जगन्नाथ जी के प्राचीन-पुण्य धाम की भव्यता बढ़ाने के विषय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात-चीत हुई। जगन्नाथ संस्कृति को बढ़ावा देने और मंदिर को एक भव्य तीर्थ स्थल के रूप में स्थापित करने के हम सभी जगन्नाथ भक्तों के आग्रह को स्वीकार करने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। स्थानियों की मान्यता है कि आदि शंकराचार्य जी ने 12वीं शताब्दी में साल्ड गाँव में इस मंदिर की स्थापना की थी। महाप्रभु जगन्नाथ के सेवक जनार्दन मोहापात्र पाटजोशी और ओड़िया सिनेमा के लोकप्रिय कलाकार सब्यसाची और उनकी पत्नी अर्चिता के प्रयासों के माध्यम से इस प्राचीन मंदिर के बारे में जानकारी प्राप्त हुई थी।












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