उत्तराखंड की दो महिला सरपंचों को अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित, जानिए वजह

उत्तराखण्ड की दो महिला सरपंचों को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान से नवाजा जाएगा। बागेश्वर की कविता देवी और देहरादून की निकिता चौहान को 04 मार्च को नई दिल्ली में राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी।

International Womens Day President will honor two women sarpanches kavita devi nikita chuhan

उत्तराखण्ड की दो महिला सरपंचों को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान से नवाजा जाएगा। बागेश्वर की कविता देवी और देहरादून की निकिता चौहान को 04 मार्च को नई दिल्ली में राष्ट्रपति सम्मानित करेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों सरपंचों को सम्मान के लिए के लिए चयनित होने पर बधाई दी है।

अपने गांवो को ओडीएफ प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के तहत 04 मार्च से अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष उत्तराखण्ड की दो महिलाओं का चयन भी स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए हुआ है। 04 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इन्हें सम्मानित करेंगे। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जनपद बागेश्वर से सरपंच कविता देवी और देहरादून जिले से सरपंच सुश्री निकिता चौहान को अपने गांवो को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य तथा असाधारण योगदान देने हेतु स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित किया गया है।

महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान
बागेश्वर जिले की कविता देवी और देहरादून जिले की निकिता चौहान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयन हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों विशेषकर यहां की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। यह सम्मान उन सभी लोगों को प्रेरित करेगा जो अपने गांवों को स्वच्छ बनाने तथा गांवों में जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों को स्वच्छ बनाने, ओडीएफ प्लस मॉडल गांवो के निर्माण, हर घर जल मिशन व जल संरक्षण में ग्राम प्रधानों एवं सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तराखण्ड में महिला ग्राम प्रधान, महिला सरपंच, महिला स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनें धरातल स्तर पर अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और कुशल प्रबन्धन के माध्यम से राज्य के विकास में असाधारण योगदान दे रही हैं।

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