उत्तराखंड में सियासी दलाें में टिकटों को लेकर टिकटिक शुरू, बंटवारे के बाद बगावत के मिल रहे संकेत
टिकट बंटवारे के लिए आचार संहिता का इंतजार, जनवरी में होगी प्रक्रिया शुरू
देहरादून, 24 दिसंबर। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा, कांग्रेस पूरी तरह से तैयारियों में जुटे हैं। दोनों दलों का पहला टारगेट टिकट बंटवारे का बेस्ट फॉर्मूला निकालना और बंटवारे के बाद घमासान होने से बचाना है। इसके लिए दोनों दलों ने टिकटों को लेकर होमवर्क लगभग पूरा कर लिया है। भाजपा में 26 दिसंबर को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 40 से ज्यादा टिकटों को फाइनल टच दे सकते हैं। जबकि कांग्रेस में स्क्रीनिंग कमेटी ने जिला स्तर पर घूमकर दावदारों का पैनल तैयार कर लिया है। कांग्रेस पहली सूची में 30 नाम पर मुहर लगा सकती है। हालांकि इसके लिए जनवरी पहले सप्ताह का इंतजार किया जा रहा है।

आचार संहिता के बाद शुरु होगा टिकट वितरण
उत्तराखंड में टिकट बंटवारे के लिए दोनों सियासी दल आचार संहिता के लगने का इंतजार कर रहे हैं। जो कि जनवरी के शुरूआत में लगाई जा सकती है। आचार संहिता लगते ही पहली सूची जारी हो सकती है। टिकटों की सूची जारी करने में कांग्रेस हाथ मार सकती है। इसके बाद भाजपा अपनी पहली सूची जारी करेगी। दोनों सियासी दल एक दूसरे के प्रत्याशियों के हिसाब से भी टिकटों का बंटवारा कर सकते हैं। इसके लिए जिन सीटों पर ज्यादा विवाद होगा, वहां दूसरे दल की सूची जारी करने के बाद ही निर्णय लिया जा सकता है। इस तरह दोनों दल 20 सीटों पर वेट एंड वॉच की स्थिति में है। इधर टिकट बंटवारे की प्रक्रिया शुरू होते ही कुछ बड़े नामों के फिर से दलबदल को लेकर सोशल मीडिया में दावे शुरू हो गए हैं। इनमें एक बार फिर हरक सिंह रावत के खेमा बदलने की चर्चांए तेज है। इसके साथ ही टिकट बंटवारे के बाद दोनों दलों में बगावत होनी तय है। जिस तरह के हालात कांग्रेस में इस समय है, ऐसे में कांग्रेस के अंदर बगावत के तेवर ज्यादा नजर आ रहे हैं। हरीश रावत खेमे के टिकट बंटवारों में दखलअंदाजी से दूसरे खेमे की और से बगावत होना तय है। इसके लिए भी सियासी दल एक दूसरे की चाल का इंतजार करेंगे।
बगावत से हरदा को मिला फ्री हैंड, लेकिन कितना
पूर्व सीएम हरीश रावत के हाईकमान पर बनाए गए प्रेशर पॉलिटिक्स के बाद हाईकमान ने हरीश रावत को उत्तराखंड में इलेक्शन कैंपेन के लिए फ्री हैंड कर दिया है। अब हरीश रावत खुलकर बैटिंग करते हुए नजर आ सकते हैं। ऐसे में अब हरदा कैंप अपने हिसाब से टिकट बंटवारे में दखल कर सकते हैं। जिससे एक बार फिर विवाद की स्थिति बन सकती है। ऐसे में साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के अंदर वर्चस्व की जंग जारी रहेगी। जिस तरह की जंग उत्तराखंड कांग्रेस में दिख रही है, वो आने वाले दिनों में बढ सकती हैा प्रदेश प्रभारी देवेन्द्र यादव और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह खेमा हरीश रावत खेमे से टिकट बंंटवारे को लेकर आने वाले दिनों में फिर आमने सामने आना तय हैा जिस तरह की हरीश रावत खेमे को दिल्ली हाईकमान से उम्मीद थी, वो फिलहाल सफल होती नजर नहीं आ रही हैा ऐसे में हरदा कैंप ने हाईकमान के सामने खुद को मजबूत दिखाने में कामयाब तो हो गया लेकिन प्रीतम कैंप भी कमजोर साबित नहीं दिख रहा हैा












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