कांग्रेस में पूर्व सीएम हरीश रावत की लालकुंआ समेत 5 सीटों पर बागी मैदान में, नहीं कर पाए डेमेज कंट्रोल
कांग्रेस के सामने 5 बागी, बिगाड़ सकते हैं समीकरण
देहरादून, 1 फरवरी। उत्तराखंड में कांग्रेस के अंदर भले ही बगावत कम नजर आ रही है। लेकिन कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी मुश्किल पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के सामने ही बागी का खड़ा होना है। कांग्रेस ने कई सीटों पर डेमेज कंट्रोल तो कर दिया लेकिन हरीश रावत की लालकुंआ समेत 5 सीटों पर बागी मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। हालांकि पार्टी ने बागियों को पार्टी से बाहर कर दिया है। लेकिन चुनाव में बागी कांग्रेस का समीकरण बिगाड़ सकते हैं।

2 सीटों पर मान गए बागी
कांग्रेस के लिए इस समय उत्तराखंड में करो या मरो की स्थिति है। सिटिंग विधायक कम होने से कांग्रेस के सामने ज्यादा मुश्किल तो नहीं आई लेकिन टिकट बंटवारे में कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा कड़ी मशक्कत हुई। इतना ही नहीं 5 सीटों पर कांग्रेस को अंतिम समय में प्रत्याशी तक बदलने पड़े। जिस वजह से कांग्रेस को बगावत का ज्यादा खतरा नजर आ रहा है। हालांकि कांग्रेस के लिए भाजपा की तुलना में कम ही बागी नजर आ रहे हैं। लेकिन जिन सीटों पर कांग्रेस के सामने बागी चुनाव मैदान में हैं। वे सभी सीटें कांग्रेस के लिए ज्यादा जरुरी सीट मानी जा रही है। इन सीटों पर कांग्रेस टिकट बंटवारे से पहले मजबूत भी दिखाई दे रही है। लेकिन अब इन सीटों पर कांग्रेस के लिए समीकरण बदलते हुए नजर आ रहे हैं। कांग्रेस सहसपुर और ऋषिकेश सीट पर ही बागियों को मनाने में सफल रही, जबकि घनसाली, यमुनोत्री, रुद्रप्रयाग, रामनगर, लालकुआं में कांग्रेस बागियों को मनाने में सफल नहीं हो पाई है। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी मुश्किल लालकुंआ सीट पर पूर्व सीएम हरीश रावत के खिलाफ खड़ीं संध्या डालाकोटी को न मना पाना रहा है। हरीश रावत चुनाव अभियान कमान को संभाल रहे हैं, लेकिन अपनी ही सीट पर बागी को समझा नहीं पाना हरीश रावत की चुनाव से पहले बड़ी हार मानी जा रही है। इसके पीछे भी कांग्रेस की प्रत्याशियों की लिस्ट मानी जा रही है। कांग्रेस ने पहले हरीश रावत को रामनगर से टिकट दिया लेकिन बाद में रामनगर से लालकुंआ भेज दिया। लालकुंआ में संध्या डालाकोटी का नाम फाइनल होने के बाद से वे प्रत्याशी के तौर पर तैयारी करने में जुट गई थी, टिकट कटने के बाद संध्या ने चुनाव मैदान मे डटने का ऐलान कर दिया, जो कि कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रभारी और पर्यवेक्षक खुद उतरे मैदान में
कांग्रेस में प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश समेत तमाम दिग्गज पिछले कई दिनों से बागियों को मनाने में जुटे हुए थे। कांग्रेस को सबसे बड़ी जीत ऋषिकेश से बागी खड़े हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण को समझाने में हुई। जब पर्यवेक्षक मोहन प्रकाश सीधे ऋषिकेश ही पहुंच गए। इसके बाद शूरवीर सिंह सजवाण ने कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में नाम वापस ले लिया। बताया जा रहा है कि शूरवीर सजवाण को कांग्रेस कार्यकारी अध्यक्ष बना सकती है। इसके अलावा सहसपुर में भी बागियों ने नाम वापस लेने के साथ ही कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में उनके साथ मंच साझा किया। कांग्रेस ने यमुनोत्री में संजय डोभाल, घनसाली में भीमलाल आर्य, रुद्रप्रयाग में पूर्व कैबिनेट मंत्री मातवर सिंह कंडारी, रामनगर से संजय नेगी, लालकुआं में संध्या डालाकोटी को भी मनाने का पूरा प्रयास किया गया। इन बागियों को मनाने के प्रयास सफल नहीं हो पाए।
- कांग्रेस के बागी
- यमुनोत्री संजय डोभाल
- घनसाली भीमलाल आर्य
- रुद्रप्रयाग मातवर सिंह कंडारी
- रामनगर से संजय नेगी
- लालकुआं में संध्या डालाकोटी












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