नाराज हरीश रावत ने अपने ट्वीट पर कहा-'समय आने पर दूंगा जवाब, अभी सिर्फ लें आनंद'
देहरादून, 22 दिसंबर: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट ने कांग्रेस की खलबली मचा दी है। हरीश रावत ने अपनी ही पार्टी के संगठन पर सहयोग न करने का जो बड़ा आरोप लगाया है। हालाकिं उनकी ओर से इस मुद्दे पर कोई बयान खुलकर नहीं आया है। जब मीडिया ने इसे लेकर हरीश रावत से सवाल किए तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि, वे इस समय का आनंद लें, समय आने पर उन्हें जानकारी दी जाएगी।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जब उनके उस ट्वीट को लेकर सवाल किया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि 'समय आने पर साझा करूंगा अभी के लिए आप आनंद लें। हरीश रावत ने कांग्रेस संगठन पर सवाए उठाए हैं। इस ट्वीट में उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस हाईकमान पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संगठन सहयोग की बजाय नकारात्मक भूमिका निभा रहा है।
इससे पहले हरीश रावत ने ट्वीट किया कि "चुनाव रूपी समुद्र, है न अजीब सी बात, चुनाव रूपी समुद्र को तैरना है, सहयोग के लिए संगठन का ढांचा अधिकांश स्थानों पर सहयोग का हाथ आगे बढ़ाने के बजाय या तो मुंह फेर करके खड़ा हो जा रहा है या नकारात्मक भूमिका निभा रहा है। जिस समुद्र में तैरना है, सत्ता ने वहां कई मगरमच्छ छोड़ रखे हैं। जिनके आदेश पर तैरना है, उनके नुमाइंदे मेरे हाथ-पांव बांध रहे हैं।
हरीश रावत ने आगे ट्वीट में लिखा था कि, मन में बहुत बार विचार आ रहा है कि हरीश_रावत अब बहुत हो गया, बहुत तैर लिये, अब विश्राम का समय है! फिर चुपके से मन के एक कोने से आवाज उठ रही है "न दैन्यं न पलायनम्" बड़ी उपापोह की स्थिति में हूं, नया वर्ष शायद रास्ता दिखा दे। मुझे विश्वास है कि भगवान केदारनाथ जी इस स्थिति में मेरा मार्गदर्शन करेंगे।"बता दें कि उत्तराखंड में फरवरी महीने में चुनाव होने संभव हैं. ऐसे में पार्टी के पास तैयारियों से लेकर तमाम प्रक्रियाओं के लिए अब मात्र दो महीने का वक्त बचा है। ऐसे में हरीश रावत का बागी होना कांग्रेस को भारी पड़ सकता है।












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