उत्तरकाशी में कैसे पल-भर में मौत के मुंह में समा गई 26 यात्रियों की जान, सामने आईं हादसे की 3 बड़ी वजहें
यमुनोत्री हाईवे में डामटा के पास बस हादसा,26 की मौत
देहरादून, 6 जून। रविवार को यमुनोत्री हाईवे में डामटा के पास हुए बस हादसे में 26 यात्रियों की मौत हो गई। जबकि 4 घायलों का इलाज चल रहा है। बस में ड्राइवर और कंडक्टर समेत 30 लोग सवार थे। इस तरह इस बस में 28 श्रद्धालु सवार थे। जो कि मध्य प्रदेश के पन्ना के बताए जा रहे हैं। रविवार शाम करीब 7 बजे यह दर्दनाक हादसा हुआ, इसके आधे घंटे बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। रात के अंधेरे में रेस्क्यू कार्य जारी रहा। जो कि तड़के 3 बजे तक सर्च राहत एवं बचाव कार्य सम्पन्न हुआ है। 1 माह के चारधाम यात्रा में यह अब तक का सबसे बड़ा भीषण हादसा है। जिसमें एक साथ 26 लोगों ने जान गंवा दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की मजिस्ट्रीयल जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रशासन और राज्य सरकार इस हादसे की जांच करने में जुट गई है। लेकिन प्रथमदृष्टया इस हादसे की 3 वजह मानी जा सकती हैं।

सड़क चौड़ी लेकिन रफ्तार बनी हादसे की वजह
डामटा के पास करीब 250 फीट गहरी खाई में गिरी बस हल्द्वानी की थी। जो कि मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं को लेकर यमुनोत्री यात्रा पर निकली थी। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के श्रद्धालुओं की दो बसें यमुनोत्री के लिए रवाना हुई थी। एक बस तो सुरक्षित है लेकिन दूसरी बस के खाई में गिरने से परखच्चे उड़ गए। हादसा इतना भयानक था कि 30 में से 26 की जान चली गई। इतना ही नहीं बस इतनी तेजी से खाई में गिरी कि किसी भी श्रद्धालु को जान बचाने का मौका नहीं मिल पाया। साथ ही जितनी देर में आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो लाशें इधर-उधर पड़ी हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि तेज रफ्तार हादसे का प्रमुख कारण रहा है। जिस कारण बस सीधे खाई में जा गिरी और बस के 3 हिस्से भी घटनास्थल पर पड़े हुए मिले हैं।

लगातार तीसरी ट्रिप पर थी बस
चारधाम यात्रा को करीब एक माह हो चुका है। यात्रा सीजन इस बार इतने पीक पर है कि अब तक 16 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या के चलते बसों और टैक्सियों को यात्रा मार्ग पर कई चक्कर मारने पड़ रहे हैं। अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसे का शिकार हुई बस तीसरी ट्रिप पर थी। इससे पहले भी बस दो बार यात्रियों को ले चुकी थी। हालांकि परिवहन विभाग का दावा है कि बस के सभी कागजात दुरस्त थे। लेकिन एक सीजन में तीसरा चक्कर भी बस हादसे की वजह माना जा सकता है। जो कि बस और चालकों के लिए सबसे हैक्टिक हो सकता है। इस तरह की यात्रा और पहाड़ी मार्गों पर सफर करना सबसे बड़ा टास्क हो सकता है। जिससे इस तरह के हादसे होने के चांस बढ़ जाते हैं।
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सीएम शिवराज ने स्टीयरिंग फेल बताई वजह
स्थानीय प्रशासन और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। इसके साथ ही दूसरी गाड़ियों को पास देने के कारण ये हादसा हुआ है। जबकि जहां पर ये हादसा हुआ उस जगह पर रोड़ काफी चौड़ी बताई गई है। घटना के बाद देहरादून पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने देर रात अधिकारियों और प्रशासन की टीम के साथ घटना की जानकारी जुटाई जिसके बाद सीएम शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बस का स्टीयरिंग फेल होने के चलते यह दुर्घटना हुई। ड्राइवर ने पहाड़ से टकराकर बस को रोकने का प्रयास किया, लेकिन टकराकर बस खाई में गिर गई। जिस तरह का भयानक मंजर हादसे वाली जगह पर नजर आया। उससे ये तो साफ है कि हादसा इतना दर्दनाक था और किसी श्रद्धालु को जान बचाने का मौका तक नहीं मिला। पलक झपकते ही इस तरह दर्दनाक हादसा हो गया। जिसकी अब जांच होनी है।












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