भाजपा के विधायकों के भितरघात के आरोपों के बाद हाईकमान हुआ अलर्ट, रिपोर्ट तलब
भितरघात के आरोपों के बाद पूरे मामले की रिपोर्ट तलब
देहरादून, 17 फरवरी। चुनाव परिणाम से पहले भाजपा में बगावत को लेकर शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। तीन विधायकों के खुलकर मीडिया में बयान देने के बाद हाईकमान ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। इसके लिए प्रदेश संगठन मंत्री को जांच सौंपी गई हैं। जिसके बाद भाजपा के अंदर एक बार फिर घमासान मचा हुआ है। भाजपा हाईकमान के लिए सबसे बड़ी मुश्किल प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर लग रहे आरोपों की जांच करवाना है। जिसके लिए हाईकमान एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रख रहा है। लेकिन ये तय है कि जिस तरह के आरोप भाजपा के विधायक लगा रहे हैं, उसका असर चुनाव परिणाम में दिखना तय है। ऐसे में पार्टी पहले ही डेमेज कंट्रोल करने में जुट गई है।

दिल्ली तक पहुंचा मामला
मतदान सम्पन्न होते ही भाजपा के अंदर घमासान मचा हुआ है। पार्टी के अंदर खुलकर बगावत होने के बाद अब दिल्ली तक मामला पहुंच गया है। हाईकमान ने विधायकों के आरोपों की रिपोर्ट तलब की है। साथ ही मीडिया में दिए बयानों को भी तलब किया गया है। पार्टी हाईकमान को भाजपा विधायकों के बयानों के बाद दूसरे विधायकों के भी बगावती सुर सामने आने का भी डर है। इतना ही नहीं इसका असर चुनाव परिणामों पर भी आना तय है। जिसका फायदा कांग्रेस को हो सकता है। कांग्रेस इन सभी प्रकरणों को लेकर लगातार भाजपा पर भी हमलावर है। जिससे भाजपा नेतृत्व बैकफुट पर आ गया है। भाजपा हाईकमान को इस प्रकरण से चुनावी नुकसान होने का खतरा लग रहा है। ऐसे में तुरंत एक्शन लेकर डेमेज कंट्रोल करने में जुट गए हैं। इसके लिए पार्टी पहले संगठन स्तर से जांच करवा रही है। इसके बाद हाईकमान सख्त एक्शन भी ले सकती है। जिसका असर भी पार्टी के नेतृत्व पर पड़ सकता है।
3 विधायकों ने लगाया है आरोप
भाजपा में चुनाव प्रक्रिया खत्म होते ही 3 विधायकों ने भितरघात का आरोप लगा दिया है। इतना ही नहीं लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर उन्हें हराने का आरोप लगाया है। उत्तराखंड में सत्ता पाने का दावा कर रही सत्ताधारी भाजपा में मतदान होने के बाद गृह युद्ध छिड़ा हुआ है। पार्टी के अब तक 3 विधायक चुनाव में भितरघात का आरोप लगा चुके हैं। जिससे पार्टी के अंदर सियासत गरमा गई है। पार्टी के दूसरे विधायक कैलाश गहतोड़ी ने चंपावत सीट पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर खुलकर भितरघात का आरोप लगाया है। इसके अलावा काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा ने भी अपने बेटे त्रिलोक सिंह चीमा के चुनाव लड़ने पर भितरघात का दावा किया है। इन सभी विधायकों के आरोपों की जांच भाजपा ने प्रदेश संगठन मंत्री से कराने के निर्देश दिए हैं। हाईकमान ने अब मीडिया में बयानबाजी से भी दूर रहने के निर्देश दिए हैं। जिससे कांग्रेस को परिणाम से पहले ही भाजपा पर हमला करने मौका न मिल जाए। भितरघात के आरोप लगते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी तुरंत एक्टिव मोड में आ गए हैं। धामी ने सभी विधायकों से बातचीत कर मामले पर फीडबैक लिया है। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक पर गंभीर आरोप लगने के बाद पार्टी इसे किसी भी सूरत में हल्के में नहीं लेगी।












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