उत्तरकाशी के बाद पौड़ी में भी बादल फटने से भारी नुकसान, दो महिलाओं के मलबे में दबने से मौत, पांच मजदूर बहे
Uttarakhand cloudbrust उत्तराखंड में मानूसन की बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। इस बीच बारिश का रौद्र रूप भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश भर के कई इलाकों में बारिश से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से 3 लोगों की मौत और 50 से ज्यादा लापता है।
उत्तरकाशी के धराली के बाद पौड़ी जिले से भी बारिश का कहर देखने को मिला है। पौड़ी तहसील के बुरांसी गांव में दो महिलाओं के मलबे में दबने से मौत हो गई। इसके साथ ही बांकुड़ा गांव पांच मजदूरों के बहने की सूचना है। जिलाधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ प्रभावित गांवों में पहुंची और हालातों का जायजा लिया।

पौड़ी गढ़वाल में कल रात से ही बहुत भारी बारिश हो रही है, जिस वजह से सड़कों पर कई जगह लैंडस्लाइड, कई मार्ग बंद है। एक गांव में कई घर भी क्षतिग्रस्त हुए है। जिलाधिकारी अपनी टीम के साथ वहां खुद मौके पर गई थी। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। बुरांसी गांव में दो महिलाओं के मलबे में दब होने की सूचना मिली है, जिसमें एक महिला का शव तो बरामद हो गया है, जबकि दूसरी महिला की खोजबीन जारी है।
पाबौ के बुरांसी गांव में दो महिलाओं की मृत्यु हुई है जिनकी पहचान आशा देवी पत्नी प्रेम सिंह, उम्र -55 वर्ष और विमला देवी पत्नी बलवंत सिंह, उम्र -58 वर्ष के रुप में हुई है। इलाके में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। इसके साथ ही थैलीसैंण तहसील के बांकुड़ा गांव में भी नेपाली मूल के पांच मजदूरों के बहने की सूचना है। पांचों की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं इस आपदा में मजदूर घायल भी हुए है, जिनका रेस्क्यू कर लिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया से फोन पर बातचीत कर पौड़ी जिले में हुई प्राकृतिक आपदा और इसके बाद चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण कुछ क्षेत्रों में कठिनाइयाँ आ रही हैं, लेकिन सभी संबंधित अधिकारी एवं विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता मिल सके।
साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। खतरे की जद में आ रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को बुरांसी एवं बांकुड़ा गांवों में जान-माल की हानि की जानकारी भी दी। बताया कि जिलाधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ प्रभावित गांवों में पहुंची और हालातों का जायजा लिया।
गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने बताया कि गढ़वाल सहित पूरे उत्तराखंड में अतिवृष्टि से जान-माल को भारी नुकसान पहुंचा है। सभी जिलाधिकारियों से बात कर अतिवृष्टि की विस्तृत जानकारी ली है और मैं लगातार उनके संपर्क में हूं। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद के पाबौं और थलीसैंण ब्लॉक में बादल फटने से कुछ लोगों के हताहत होने के साथ कई घर, सड़क और पुल को भी भारी क्षति पहुंचने की दुखदायी खबर है।
पौड़ी जिलाधिकारी ने अवगत कराया है कि प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में तत्परता से जुटी हुई है। चमोली जिले के तपोवन से आगे सलधार में भी अत्यधिक बारिश के कारण हाईवे का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। हाईवे को वापस आने-जाने हेतु बनाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसी तरह लगभग हर जिले में अतिवृष्टि के कारण हुए जान-माल के नुकसान का जायजा लिया जा रहा है तथा वहां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।












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