Harish rawat समेत कांग्रेसियों ने पुलिस चौकी पर दिया धरना प्रदर्शन, उपचुनाव को लेकर लगाए ये गंभीर आरोप
उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत समेत कांग्रेसियों ने आज मंगलौर पुलिस चौकी में धरना प्रदर्शन किया। मंगलौर में 10 जुलाई को विधानसभा उपचुनाव होना है। जबकि 13 जुलाई को परिणाम आएगा।
हरीश रावत ने बताया कि मंगलौर विधानसभा उपचुनाव के दौरान सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर किये जा रहे उत्पीड़न एवं भेदभाव पूर्ण आचरण के विरोध में कस्बा पुलिस चौकी, मंगलौर में धरना प्रदर्शन किया।

इस दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह, मंगलौर विधानसभा कांग्रेस प्रत्याशी काजी निजामुद्दीन समेत कांग्रेसी मौजूद रहे।
कांग्रेस का आरोप है कि उपचुनाव में स्थानीय प्रशासन भाजपा के एजेंट की तरह काम कर रहा है। उत्तराखंड के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में स्थानीय प्रशासन पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने आ आरोप लगाते हुए निर्वाचन आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि एक 20 साल पुराने मामले का संदर्भ लेते हुए स्थानीय प्रशासन द्वारा भाजपा सरकार के दबाव में कांग्रेस कार्यकर्ता को थाने में बुलाकर प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंगलौर नगर पालिका परिषद के पठानपुरा से सभाषद रहे, मोहम्मद को 20 साल पुराने एक मामले में थाने में बुलाकर प्रताड़ित किया गया है। जबकि इस मामले में अदालत में वे निर्दोष साबित हो चुके हैं तथा अदालत उन्हें बरी कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि इससे पूर्व 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव तथा 2022 के विधानसभा व 2024 के लोकसभा चुनाव में थाने द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया परन्तु वर्तमान उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपने प्रत्याशी की हार निश्चित मानकर ऐसे मामलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तंग कर रही है तथा स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से धामी सरकार के दबाव में काम कर रहा है जिसका चुनाव आयोग को संज्ञान लेना चाहिए।
करन माहरा ने कहा कि पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव के लिए जरूरी है कि स्थानीय प्रशासन भी निष्पक्ष रहे परन्तु मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में पुलिस प्रशासन की इस प्रकार की कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी मंगलौर विधानसभा उपचुनाव को प्रशासन और पुलिस के बल पर प्रभावित करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को न्यायालय भी बरी कर चुका है, ऐसे मामलों में केवल सरकार के दबाव में कार्यकर्ताओं को थाने पर बुलाकर केवल दहशत फैलाना मात्र है जिस पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की इस कार्रवाई से कांग्रेस कार्यकर्ता व आम जनता डरने वाले नहीं है तथा आने वाली 10 जुलाई को कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में भारी बहुमत साबित कर देगा कि जनता भाजपा के कुशासन एवं अलोकतांत्रित तरीकों से आजिज आ चुकी है।












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