हरक सिंह का इंतजार खत्म, 70 सीटों पर टिकटों को लेकर अब भी सस्पेंस, कांग्रेस ने बढ़ाई दावेदारों की टेंशन
देर रात तक होता रहा लिस्ट का इंतजार
देहरादून, 21 जनवरी। उत्तराखंड में शुक्रवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का लंबा इंतजार खत्म हो गया, लेकिन कांग्रेस के 200 से ज्यादा दावेदारों की धड़कनें फिर से तेज हो गई है। कांग्रेस शुक्रवार को भी अपनी प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं कर पाई है। अब शनिवार को कांग्रेस की लिस्ट सामने आने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस देर के पीछे की वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है। लेकिन कांग्रेसी सूत्र हरक सिंह प्रकरण को ही देरी की वजह बता रहे हैं।

हरक सिंह को कांग्रेस का हाथ और साथ मिल गया
शुक्रवार को 5 दिनों के लंबे इंतजार के बाद हरक सिंह को कांग्रेस का हाथ और साथ मिल गया है। हरक सिंह ने अपनी बहू अनुकृति गुंसाई के साथ कांग्रेस ज्वाइन कर ली। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद रहे। हालांकि अंतिम समय तक हरक सिंह के कांग्रेस ज्वाइन करने को लेकर सस्पेंश बना रहा। लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह की जोड़ी ने हरक सिंह की एंट्री करवा के ही दम लिया है। कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद हरक सिंह ने मीडिया को दिए बयान में आम कार्यकर्ता की तरह काम करने का दावा किया है साथ ही कांग्रेस की सरकार बनाने का दावा किया है। अनुकृति गुंसाई ने भी पहली बार किसी राष्ट्रीय पार्टी की सदस्यता लेते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पार्टी जिस रुप में कहेगी वे काम करने को तैयार हैं। हालांकि कांग्रेसी सूत्रों का दावा है कि अनुकृति गुंसाई को कांग्रेस टिकट दे सकती है। जबकि हरक सिंह रावत को चुनाव न लड़ाकर पार्टी उनको लोकसभा चुनाव के लिए तैयार कर रही है। इधर देहरादून के कार्यकर्ता हरक सिंह को डोईवाला से चुनाव लड़ाने की पैरवी करते नजर आए।
देर रात तक होता रहा लिस्ट का इंतजार
हरक सिंह के कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद देहरादून स्थित कांग्रेस मुख्यालय में दिवाली जैसा माहौल नजर आया। हालांकि जो लोग सोशल मीडिया में हरक सिंह को कांग्रेस में न आने की नसीहत दे रहे थे, वे जरुर परेशान नजर आए। ऐसे में आने वाले दिनों में हरक सिंह को लेकर पार्टी के अंदर बगावती सुर सार्वजनिक भी हो सकते हैं। इसके लिए कांग्रेस की लिस्ट का इंतजार किया जा रहा है। कांग्रेस ने 14 जनवरी के आसपास सबसे पहले प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगाने का दावा किया था, लेकिन एक हफ्ते बाद भी कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम फाइनल नहीं कर पा रही है। देहरादून से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के सभी सीनियर नेता कई राउंड की मीटिंग कर चुके हैं। इतना ही नहीं कांग्रेस की टिकट प्रक्रिया भाजपा से काफी पहले शुरू हो गई थी, लेकिन कांग्रेस भाजपा से 2 दिन बाद भी लिस्ट जारी नहीं कर पाई है। जबकि भाजपा ने कुछ ही दिन पहले प्रक्रिया शुरू कर 59 नामों पर मुहर लगा दी। अब भाजपा भी कांग्रेस की लिस्ट का इंतजार कर रही है। जिसके बाद ही भाजपा अपने बचे हुए 11 नामों पर मुहर लगाएगी। हालांकि कांग्रेस के सिटिंग विधायकों के अलावा कई बड़े चेहरों ने अपने नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर प्रचार तेज कर दिया है।












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