'गलियां घेर ली थी, हर जगह से पथराव', कैसे मौत से हुआ सामना, हल्द्वानी हिंसा में घायल पुलिसकर्मी ने बताई आपबीती
उत्तराखंड के हल्द्वानी में बनभूलपुरा इलाके में अवैध मदरसे और नमाज स्थल को ध्वस्त करने गई टीम पर उपद्रवियों ने जमकर पथराव और आगजनी की गई। जिसके बाद से पूरे हल्द्वानी में तनाव का माहौल है। अतिक्रमण हटाने गई पुलिस की टीम उपद्रवियों के निशाने पर आई। इतना ही नहीं कई पुलिसकर्मी इस दौरान बुरी तरह घायल हो गए। इस घटना में बुरी तरह घायल हुई पुलिसकर्मी ने आपबीती सुनाई। जिनको सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

एक महिला पुलिसकर्मी जो इस घटना में घायल हुई, उन्होंने बताया कि किस तरह उनका मौत से सामना हुआ और वे जिंदा लौटी। महिला पुलिसकर्मी ने बताया कि हम लोग गिरते पड़ते आए हैं। बहुत मुश्किल से बचकर आए है। उन लोगों ने गलियां घेर ली थी। जब उपद्रव शुरू हुआ तो वे लोग जान बचाने के लिए पास के एक घर में घुस गए।
बताया कि जिस घर में घुसी उनके साथ 15 से 20 की संख्या में वे लोग घर के अंदर गए। तभी बाहर से उपद्रवियों ने आग लगाई और पथराव भी शुरू किया। बताया कि बहुत बुरी कंडीशन थी। चारों तरफ से पथराव हो रहे थे। गलियों से, घरों से, ऊपर छतों से पत्थरबाजी हो रही थी। बचना ही मुश्किल नजर आ रहा था। पत्थर और शीशे भी चलाए जा रहे थे।
बताया कि जिस आदमी ने हमें बचाया, उसके दरवाजे और मकान को तोड़ दिया। काफी मुश्किल से जान बचाकर वहां से आए। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति के घर वे घुसे उनको भी उपद्रवियों ने जमकर गाली गलौज सुनाई। फोर्स आई तब कहीं जाकर हम लोग मुश्किल से निकले। उस दौरान भी हमला हो रहा था।
बता दें कि गुरूवार को भारी पुलिस बल के साथ नगर निगम की टीम मलिक के बगीचे पहुंची। यहां अवैध मदरसे और नमाज स्थल को जेसीबी से तोड़ने का काम शुरू ही हुआ था कि मुस्लिम महिलाओं और युवकों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। जैसे ही अतिक्रमण की कार्रवाई शुरू हुई पत्थरबाजी शुरू हो गई।
इस दौरान भी कार्रवाई होती रही। बाद में बवाल बढ गया और गाड़ियों और थाने में आगजनी हो गई। इसके बाद पूरे हल्द्वानी में माहौल तनावपूर्ण है। प्रशासन का कहना है कि ये घटना पूरी प्लानिंग के तहत की गई है। अब तक इस घटना में चार की मौत और 250 से ज्यादा घायल हैं। जिसमें पुलिसकर्मी, पत्रकार और अन्य लोग शामिल हैं।












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