Haldwani violence: क्या पहले से रची गई थी हल्द्वानी हिंसा की साजिश? DM वंदना सिंह ने दिया ये जवाब
Haldwani violence: उत्तराखंड में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में भड़की हिंसा पर नैनीताल की जिला मजिस्ट्रेट वंदना सिंह (DM Nainital,Vandana Singh) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना के बारे में जानकारी दी है। हल्द्वानी हिंसा की साजिश क्या पहले से रची गई थी? इस पर भी डीएम वंदना सिंह ने जवाब दिया है।
डीएम वंदना सिंह ने ये दावा किया है कि, 'ऐसा प्रतीत होता है कि हल्द्वानी हिंसा की योजना पहले से बनाई गई थी।' उन्होंने कहा, 'हल्द्वानी हिंसा "पूर्व नियोजित" लगती है। पहले से ही पत्थरों को घरों में जमा किए गए थे। दंगाइयों ने पेट्रोल बमों का भी इस्तेमाल किया है।' हालांकि इस पर जांच चल रही है।

हलद्वानी हिंसा प्रभावित बनभूलपुरा में अब-तक चार लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हलद्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं। प्रशासन ने सभी स्कूल-कॉलेजों को भी बंद करने का आदेश दिया है। उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि, हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हिंसा के बाद पूरे राज्य में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
Haldwani violence: हल्द्वानी हिंसा पर डीएम नैनीताल वंदना सिंह ने क्या-क्या जानकारी दी है?
- डीएम वंदना सिंह का कहना है कि, ''तोड़फोड़ अभियान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ था, रोकथाम के लिए फोर्स तैनात की गई थी...हमारी नगर निगम की टीम पर पथराव किया गया। इसके लिए पहले से योजना बनाई गई थी। पत्थरों वाली पहली भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया था, लेकिन उसके बाद जो दूसरी भीड़ आई, उसके पास पेट्रोल बम थे। यह अकारण था और हमारी टीम ने कोई बल प्रयोग नहीं किया था।''
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- डीएम नैनीताल वंदना सिंह ने 9 फरवरी की सुबह प्रेस-कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हाईकोर्ट के आदेश के बाद हलद्वानी में अलग-अलग जगहों पर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। सभी को नोटिस दिया गया और सुनवाई के लिए समय दिया गया...कुछ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जबकि कुछ को समय दिया गया। कुछ को समय नहीं दिया गया। जहां समय नहीं दिया गया वहां पीडब्ल्यूडी और नगर निगम द्वारा विध्वंस अभियान चलाया गया। यह कोई अलग गतिविधि नहीं थी और किसी विशेष संपत्ति को टारगेट नहीं किया गया था...।"
- वंदना सिंह ने कहा, "हमने विध्वंस अभियान जारी रखने का फैसला किया क्योंकि संपत्तियों पर कोई रोक नहीं थी...अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कानूनी प्रक्रिया की जा रही है और इसलिए यहां भी ऐसा किया गया... हमारी टीमें और संसाधन चले गए और किसी को भी उकसाया या नुकसान नहीं पहुंचाया गया... जान-माल को नुकसान पहुंचाने के लिए (पुलिस और प्रशासन द्वारा) कोई कार्रवाई नहीं की गई... विध्वंस अभियान शांतिपूर्ण ढंग से शुरू हुआ... पूरी प्रक्रिया ठीक से होने के बावजूद एक बड़ी भीड़ ने आधे घंटे के भीतर हमारी नगर निगम सहयोग टीम पर हमला कर दिया था।"












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