उत्तराखंड में खनन के बहाने कांग्रेस के निशाने पर सरकार और सीएम, जानिए पूरा मामला
उत्तराखंड में चुनाव से पहले खनन को लेकर विपक्ष सरकार और सीएम पर हमलावर
देहरादून, 9 दिसंबर। उत्तराखंड में चुनाव से पहले खनन को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है। कांग्रेस लगातार सरकार को खनन के मुद्दे पर घेरने में जुटी है। कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत लगातार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए है। हरीश रावत ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस खनन के बहाने सरकार और सीएम पर निशाना साध रहे हैं। इधर विपक्ष विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष खनन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है। जिसको लेकर सरकार और विपक्ष में टकराव होना तय हैा

हरदा का आरोप, चुनावी वसूली भी हो रही है, भाजपाइयों की जेब भी भारी हो रही
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सत्ता संभालने के बाद से कांग्रेस खनन को लेकर लगातार हमलावर हैा उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत बार बार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को खनन प्रेमी मुख्यमंत्री कहकर संबोधित करते हैं, हरदा का आरोप है कि पूरे उत्तराखंड में नदियों को खोदा जा रहा है। इस बार की बरसात उत्तराखंड में भारी पड़ने वाली है। चाहे बाढ़ आये या पुल बहे लेकिन खनन प्रेमी मुख्यमंत्री ने तय कर लिया है कि अवैध खनन जरूर करना है। हाल ही में हरीश रावत ने सोशल मीडिया में पोस्ट किया कि खनन-खनन, खनन उत्तराखंड में चारों तरफ नदियों-नालों में, गाढ़-गधेरों में खनन ने हाहाकार मचा रखा है। रामनगर, हल्द्वानी और बाजपुर में खनन से कुप्रभावित लोगों ने धरना भी दिया है, ट्रांसपोर्टर्स हड़ताल पर हैं। मजदूरों का काम सारा छिन गया है और वो काम मशीनें कर रही हैं, क्योंकि नदियों के सुधारीकरण के नाम पर सरकार ने बड़े-बड़े खनन मठाधीशों को ये काम सौंप दिया है। हरदा ने आगे लिखा कि ठीक है, चुनावी वसूली भी हो रही है। भाजपाइयों की जेब भी भारी हो रही है, लेकिन राज्य के लिए ये समय बहुत कष्टपूर्ण होने जा रहा है और इस कष्ट को आगे इस बरसात के अंदर बाढ़ आदि से भी लोग झेलेंगे। इतने पुल टूट गये हैं उससे भी सरकार ने सबक नहीं लिया है। ये पुल भी भाजपा सरकार की खनन की भूख के कारण ही टूटे हैं।
सदन में गूंजेगा खनन का मुद्दा
इधर विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष खनन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है। सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस सदन में कानून व्यवस्था से संबंधित मुद्दे को लेकर कार्यस्थगन का प्रस्ताव लेकर आएगी, साथ ही विभिन्न मुद्दों को नियम 58 के तहत उठाया जाएगा। पार्टी राज्य में कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी दैवीय आपदा, किसानों से संबंधित मामले और गौरा देवी कन्याधन योजना का मुद्दा उठाएगी। विधायक मनोज रावत के साथ हेलीपैड पर की गई बदसलूकी और हाल ही में पूर्व मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र के काफिले पर हुए हमले का मुद्दा प्रमुख रहेगा। इसके अलावा गैरसैंण, भू-कानून और अवैध खनन, राज्य कर्मचारियों के मुद्दे भी पार्टी की लिस्ट में हैं। पहले कांग्रेस की और से पूर्व सीएम हरीश रावत ने खनन के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ उपवास रखने का कार्यक्रम तय किया गया थाा जो कि विधानसभा के बाहर पहले दिन रखा गया थाा लेकिन सीडीएस विपिन रावत के हादसे में मौत के बाद यह कार्यक्रम स्थगित हो गयाा अब खनन पर विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी हैा












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