G20 Summit Ramnagar: चीफ साइंस एडवाइजर्स राउंडटेबल में चार एजेंडों पर मंथन, वन हेल्थ पर हुई चर्चा
उत्तराखंड के रामनगर में आयोजित हुए जी-20 समिट के दूसरे दिन चीफ साइंस एडवाइजर्स राउंडटेबल में चार एजेंडों पर मंथन हुआ। स्वास्थ्य की चुनौतियों को लेकर समिट में वन हेल्थ पर मंथन किया गया।

उत्तराखंड के रामनगर में आयोजित हुए जी-20 समिट के दूसरे दिन चीफ साइंस एडवाइजर्स राउंडटेबल में चार एजेंडा पर मंथन हुआ। स्वास्थ्य की चुनौतियों को लेकर समिट में वन हेल्थ पर मंथन किया गया। मानव, पशु और वन्यजीव के स्वास्थ्य को लेकर आने वाली चुनौतियों पर मिलकर कार्य करने पर सभी सहमत हुए। नागपुर में वन हेल्थ इंस्टीट्यूट तैयार किया जा रहा है जो इस दिशा में कार्य करेगा और वह देश-विदेश के सभी संस्थाओं के संपर्क में रहेगा।
बीमारियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस, पर्यावरण सर्विलांस की सशक्त भूमिका
बुधवार को हुई बैठक के बारे में जानकारी देते हुए प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) प्रो. अजय सूद ने बताया कि वन हेल्थ के तहत बीमारियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस की व्यवस्था, रोगों से निपटने को लेकर तैयारी, वैक्सीन निर्माण सहित अन्य कार्य किए जाएंगे जिसमें विज्ञान और प्रोद्योगिकी की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि बीमारियों पर नजर रखने के लिए सर्विलांस, पर्यावरण सर्विलांस की सशक्त भूमिका है। ऐसी तकनीक हमारे पास है जिसके लिए बहुत बड़े स्तर पर काम करने की जरूरत नहीं है। डाॅ. सूद ने बताया कि दुनिया में जो अनुसंधान होते हैं, उनकी सुलभता और पहुंच सभी तक हो, इसे लेकर भी कांफ्रेंस में बातचीत हुई। चौथे एजेंडे पर वैश्विक विज्ञान सलाह तंत्र को मजबूत करने पर विशेषज्ञों ने मंथन किया। एक संस्थागत तंत्र को विकसित करने पर बातचीत हुई है जिससे सभी को लाभ मिल सके। इसके बाद अगस्त में जी-20 सीएसएआर की बैठक पुन: होगी।
जलवायु परिवर्तन से होने वाली बीमारी को लेकर भी चिंतन
प्रधान वैज्ञानिक प्रो. अजय कुमार सूद ने बताया कि जलवायु परिवर्तन से होने वाली बीमारी को लेकर भी चिंतन हुआ। हमें इस दिशा में कार्य करने की जरूरत है। वन्यजीवों को केवल संरक्षण के नजरिये से नहीं देखना चाहिए। उनकी बीमारी और रोकथाम को लेकर भी कार्य होना है। उन्होंने कहा कि मानव से पशु, पशु से मानव में होने वाली बीमारी को अलग-अलग नहीं, समग्र दृष्टि से देखने की जरूरत है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम और भोज का भी आयोजन हुआ। जिसमें राज्यपाल गुरुमीत सिंह, सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कैबिनेट मंत्री व भाजपा के कई सीनियर नेता मौजूद रहे। सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि डेलीगेट जब यहां से वापस जाएंगे तो प्रतिनिधि के तौर पर नहीं, बल्कि रामनगर, जिम कार्बेट पार्क और उत्तराखंड के ब्रांड एंबेसडर की तरह यहां के बारे में अपने देशवासियों को बताएंगे। गुरुवार को विदेशी डेलीगेट 30 जिप्सियों में बिजरानी जोन में जंगल सफारी के लिए निकले। बिजरानी जोन में विदेशी डेलीगेट को अलग-अलग मार्गों से ले जाया गया। यहां पर भी विदेशी मेहमानों का पहाड़ी संस्कृति में अलग अंदाज में स्वागत किया गया।












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