पूर्व सीएम हरीश रावत ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी विवाद पर उठाया ये कदम, बेटी के खिलाफ भी साजिश का लगाया आरोप
विवादित मामले को लेकर हरदा ने कानूनी कार्रवाई का लिया सहारा
देहरादून, 17 मार्च। उत्तराखंड में कांग्रेस की हार को लेकर जहां सीनियर नेताओं की आपसी गुटबाजी को बड़ी वजह माना जा रहा है। वहीं चुनाव से ठीक पहले उठे मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे ने भी कांग्रेस को चुनाव में काफी नुकसान पहुंचाया है। इस मुद्दे से सबसे ज्यादा असर पूर्व सीएम हरीश रावत की राजनीति पर पड़ा है। भाजपा और पीएम मोदी ने भी चुनाव में मुस्लिम यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर हरीश रावत को जमकर कोसा। चुनाव निपटने के बाद भी मुस्लिम यूनिवर्सिटी का मुद्दा हरीश रावत और कांग्रेस का पीछा नहीं छोड़ रहा है।

हरदा ने कराई है एफआईआर दर्ज
विधानसभा चुनाव में सहसपुर सीट से नाम वापस लेने पर कांग्रेस के एक पदाधिकारी की ओर से सरकार आने पर मुस्लिम यूनिवर्सिटी खोलने का दावा करने के मामले से उत्तराखंड चुनाव की पूरी सियासत ही बदल गई है। इस प्रकरण से कांग्रेस और हरीश रावत को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है। अब हरीश रावत का कहना है कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रसंग को वे अपनी ओर से यहीं समाप्त करना चाहते हैं। हरीश रावत का आरोप है कि कुछ ताकतें उनको केवल मुस्लिम परस्त सिद्ध करना चाहती हैं। इसके साथ ही हरदा का दावा है कि यह भी सिद्ध है कि कुछ ताकतों को इस बार लगा कि कांग्रेस ने व्यूह रचना की है, उस व्यूह रचना में सफल होने जा रही है तो उन ताकतों को यह लगा कि बिना कोई मुस्लिम अस्त्र खोजे उनकी नैया पार नहीं हो सकती है, इसलिए मुस्लिम अस्त्र उन्हीं का गढ़ा हुआ है। हरीश रावत ने बताया कि उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है। जिससे स्पष्ट है कि नकली अखबार और झूठा समाचार छपाकर किस प्रकार से उसको भाजपा के सोशल मीडिया के सिपाहियों से लेकर के उनके शीर्ष सिपाहियों ने भी उस अस्त्र का उपयोग हमारी व्यूह रचना को ध्वस्त करने और हरीश रावत की राजनीति ध्वस्त करने के लिए किया। हरीश रावत ने कहा है कि मैं राजनीति में जिंदा रहूं या न रहूं! मगर मैं मानवता परस्त हूं, मैं किसी जाति धर्म परस्त नहीं हूं और मेरा धर्म, जिस पर मुझे अटूट विश्वास है, वह भी वसुधैव कुटुंबकम कहता है और अब वही ताकतें मेरी बेटी की राजनीति पर भी ग्रहण लगाने के लिए झूठ का सहारा ले रही है।
बेटी के बयान पर दी सफाई
हरीश रावत के मुस्लिम यूनिवर्सिटी के प्रकरण का अभी अंत भी नहीं हुआ कि उनकी बेटी अनुपमा रावत का भी एक मामला सामने आया है। जिसमें अनुपमा के हरिद्वार ग्रामीण से केवल मुस्लिम वोटों से जीतने का दावा किया जा रहा है। हरीश रावत ने इस मामले में भी साफ किया है कि उनकी बेटी ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई है। जिसमें उन्होंने शिकायत की है कि उनकी बेटी का एक झूठा बयान बताया जा रहा है कि मैं केवल मुसलमानों के वोट से जीती हूं, हरीश रावत ने इस बयान को साजिश बताया कि उनकी बेटी सर्व समाज के आशीर्वाद से जीती हुई बेटी है और हरिद्वार ग्रामीण के सर्व समाज ने उसे अपनी बेटी मानकर विधायक का दायित्व सौंपा है और वह उसको निष्ठा पूर्वक निभाएंगी इसका मुझे भरोसा है।












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