किसानों को होगा फायदा,आय और रोजगार का जरिया बनेंगी Aroma Park,जानिए क्या होती हैं एरोमा वैली, क्या होंगे फायदे
उत्तराखंड की धामी सरकार छह एरोमा वैली प्लांट डेवलप कर रही है। एरोमा पार्क काशीपुर में 40 एकड़ भूमि पर इत्र से संबंधित प्रोसेस यूनिट को एक जगह पर लाने का सरकार ने निर्णय लिया है। भारत के पहले एरोमा पार्क का सीएम धामी उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में कर चुके हैं।
प्रस्तावित एरोमा घाटियों में 14 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पांच सगंध फसलों के कृषिकरण को बढ़ावा देकर 37 हजार से ज्यादा किसानों को इससे जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। घाटियों में सगंध फसलों को तेल में परिवर्तित करने के लिए आसवन सयंत्र स्थापित किए जाएंगे।

सरकार बंजर हुए खेतों में किसानों की आय का जरिया बनाने के लिए सगंध खेती पर जोर दिया जा रहा है। लैमनग्रास, मिंट, तेजपात, डेमस्क गुलाब, तिमूर समेत अन्य सगंध फसलें ऐसी हैं, जिन्हें बंजर भूमि में आसानी से उगाया जा सकता है।
इनके लिए न तो अधिक पानी की जरूरत है और न वन्यजीव इसे कोई क्षति ही पहुंचाते हैं। साथ ही इन्हें तेल में परिवर्तित कर परिवहन में भी आसानी होती है। सगंध तेलों की कास्मेटिक समेत अन्य क्षेत्रों में बड़ी मांग है।
वर्तमान में 8600 हेक्टेयर में हो रही सगंध खेती से 24 हजार किसान जुड़े हैं। सगंध फसलों के प्रसंस्करण के लिए 194 आसवन सयंत्र स्थापित हैं। सगंध फसलों के कृषिकरण से लगभग 85 करोड़ रुपये का सालाना टर्नओवर अर्जित किया जा रहा है।
अब सरकार ने इस मुहिम को गति देने का निश्चय किया है। इसी के दृष्टिगत अगले तीन वर्षों में आठ जिलों में छह एरोमा घाटियां विकसित करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है और आने वाले दिनों इन घाटियों में चिह्नित क्षेत्र में सगंध फसलों के कृषिकरण को धरातल पर उतारा जाएगा।
सरकार का दावा है कि पिछले दो दशकों में 24 हजार से अधिक किसानों ने सुगंधित खेती को अपनाया है, जिससे हमारा कारोबार 2 करोड़ से बढ़कर 86 करोड़ से अधिक हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर, 2021 को काशीपुर औद्योगिक क्षेत्र में 46 सुगंध और इत्र उद्योगों की आधारशिला रखी। सरकार कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड में छह सुगंध घाटियां विकसित करने की प्लानिंग में जुटी है।
चमोली और अल्मोड़ा जिलों में डैमस्क रोज वैली, पिथौरागढ़ में तिमूर वैली, चंपावत और नैनीताल में दालचीनी वैली, हरिद्वार में लेमनग्रास और मिंट वैली, उधम सिंह नगर में मिंट वैली और पौड़ी में लेमनग्रास वैली विकसित की जाएगी, जिसका कुल क्षेत्रफल 14,000 हेक्टेयर होगा। 300 करोड़ रुपये के निवेश से, एरोमा पार्क में 46 सुगंध और इत्र उद्योग स्थापित होंगे, जिससे रोजगार के प्रचुर अवसर पैदा होंगे।












Click it and Unblock the Notifications