उत्तराखंड में ''डबल इंजन' को लगा डबल झटका, पीएम मोदी की रैली स्थगित, जानिए क्या हो सकता है नुकसान
24 दिसंबर को हल्द्वानी में होनी वाली पीएम नरेंद्र मोदी की रैली स्थगित
देहरादून, 17 दिसंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 24 दिसंबर को हल्द्वानी में आयोजित होने वाली रैली स्थगित हो गई है। जिससे भाजपा के कार्यकर्ताओं में मायूसी देखने को मिल रही है। भाजपा कुमाँऊ में पीएम की रैली के जरिए कार्यकर्ताओं में जोश भरने की तैयारी कर रही थी, लेकिन अचानक से रैली को स्थगित करने की असली वजह सामने नहीं आई है। इधर राहुल गांधी की गुरूवार को देहरादून में आयोजित हुई रैली से उत्साहित कांग्रेसी अब नए सिरे से चुनावी मैदान में कूद गए हैं। कांंग्रेसी कार्यकर्ता पीएम मोदी की रैली के पीछे खिसकने को भी राहुल की रैली से जोड़ते हुए नजर आ रहे हैं।

मोदी की रैली के जरिए विजय रथ यात्रा निकालने की तैयारी
4 दिसंबर को देहरादून में भाजपा ने विजय संकल्प महारैली का आयोजन किया था। जिसमें करीब 18 हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था। इस रैली के जरिए पीएम मोदी ने चुनावी शंखनाद भी किया था, जिसके बाद उत्साही भाजपा कार्यकर्ताओं में नया जोश देखने को मिल रहा था। पीएम मोदी की रैली के जरिए भाजपा ने गढ़वाल मंडल और तराई जिलों के जरिए विजय संकल्प लिया, जिसके बाद 18 दिसंबर को हरिद्वार से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस जोश को आगे बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश भर में विजय संकल्प रथ यात्रा को शुरू करने जा रहे हैं। जिसके जरिए डबल इंजन की सरकार के विकास कार्यों को आम जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया जाना है। इसी को आगे बढ़ाते हुए भाजपा 24 दिसंबर को हल्द्वानी में पीएम मोदी की बड़ी सभा आयोजित करने जा रही थी। इसके लिए मैदान फाइनल करने के साथ ही तैयारियां भी जोर-शोर से चलने लगी। लेकिन गुरूवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने ये जानकारी दी कि मोदी की 24 दिसंबर की रैली को स्थगित कर दिया गया है। हालांकि भाजपा रैली को 30 दिसंबर को आयोजित करने की बात कर रही है। लेकिन अभी तारीख फाइनल नहीं हो पाई है। ऐसे समय में जब कांग्रेस की देहरादून में हुई रैली के जरिए कांग्रेस इसे परिवर्तन बता रहे हैं। और रैली में मोदी की रैली से ज्यादा कार्यकर्ताओं के पहुंचने का दावा कर रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं के लिए ये खबर थोड़ा निराश करने वाली जरुर है।

हल्द्वानी बनी हॉट सीट
पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के पुत्र संजीव आर्य के साथ भाजपा छोड़ने के बाद भाजपा के लिए कुमाँऊ की रैली खासा अहम मानी जा रही थी। भाजपा के लिए इस समय यशपाल आर्य के सामने कुमाँऊ में बड़ा चेहरा खड़ा करना है। ऐसे में भाजपा हल्द्वानी सीट पर खासा फोकस कर रही है। नेता प्रतिपक्ष रह चुकीं डॉ इंदिरा ह्रदयेश की मृत्यु के बाद हल्द्वानी सीट पर भाजपा,कांग्रेस की खास नजर है। ऐसे में पीएम मोदी की रैली के जरिए भाजपा गढ़वाल के बाद कुमाँऊ में रैली कर चुनावी माहौल अपने पक्ष में करने में जुट गई थी। अब रैली स्थगित करने के बाद भाजपा को नए सिरे से चुनावी माहौल पर फोकस करना होगा।

राहुल की रैली से पहले ही बढ़ चुकी है भाजपा की टेंशन
राहुल की रैली से पहले ही बढ़ चुकी है भाजपा की टेंशन
इधर गुरूवार को देहरादून में राहुल गांधी की विजय सम्मान रैली के जरिए परेड मैदान में जुटी भीड़ ने भाजपा को टेंशन पहले ही बढ़ा दी है। भाजपा ने मोदी की रैली में एक लाख से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जुटाने का दावा किया था, हालांकि रैली में 20 से 25 हजार भीड़ होने की बात हुई। लेकिन राहुल की रैली में 30 हजार से ज्यादा भीड़ जुटने की बात सामने आए है। ऐसे में कांग्रेस की रैली में भाजपा से ज्यादा भीड़ जुटना भाजपा के लिए टेंशन मानी जा रही है। ऐसे में पीएम मोदी के मैजिक को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। भाजपा के लिए राहुल की रैली की सफलता और कुमाँऊ में रैली स्थगित होना बड़ा झटका माना जा रहा है।












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